Mixed Nuts : मिक्स नट्स यानी अखरोट, बादाम, काजू और दूसरे ट्री नट्स को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ माना जाता है। इनमें हेल्दी फैट, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इनका नियमित और संतुलित सेवन शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने के साथ कई अंगों की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ सल्हाब ने नट्स को डाइट में शामिल करने के संभावित फायदों और सही मात्रा के बारे में जानकारी साझा की है।
कोलन कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद
नियमित रूप से नट्स का सेवन कोलन की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। उपलब्ध रिसर्च में नट्स और कोलन कैंसर के जोखिम के बीच संबंध पर अध्ययन किया गया है। खासतौर पर अखरोट पर काफी शोध हुआ है। इनमें फाइबर, पॉलीफेनोल्स और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो आंतों में मौजूद गट माइक्रोबायोम को सपोर्ट करने के साथ कोलन की सेहत बनाए रखने में भूमिका निभा सकते हैं।
फैटी लिवर में भी उपयोगी हो सकते हैं नट्स
नट्स का फायदा सिर्फ आंतों तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि ये लिवर की सेहत के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। इनमें मौजूद अनसैचुरेटेड फैट्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन E शरीर को कई तरह से सपोर्ट करते हैं। फैटी लिवर से संबंधित शोध में भी नट्स में मौजूद इन पोषक तत्वों के संभावित लाभों पर चर्चा की गई है। हालांकि, फैटी लिवर के मरीजों को अपनी पूरी डाइट डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।
दिमाग और याददाश्त के लिए भी फायदेमंद
डाइट में नट्स शामिल करने से मस्तिष्क की सेहत को भी फायदा मिल सकता है। कुछ अध्ययनों में नट्स के सेवन और डिमेंशिया तथा कॉग्निटिव डिक्लाइन के कम जोखिम के बीच संबंध पाया गया है। अखरोट और बादाम में विटामिन E तथा पॉलीफेनोल्स जैसे यौगिक मौजूद होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।
अखरोट बेहतर नींद में कर सकता है मदद
अगर आपकी नींद का पैटर्न ठीक नहीं है, तो डाइट में अखरोट शामिल करना एक विकल्प हो सकता है। अखरोट में प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन और ट्रिप्टोफैन पाए जाते हैं। ये दोनों नींद और जागने के चक्र से जुड़े होते हैं। हालांकि, केवल नट्स को नींद की समस्या का इलाज नहीं माना जा सकता। लगातार नींद की परेशानी होने पर इसके दूसरे कारणों की जांच के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
पित्त की पथरी का जोखिम भी हो सकता है कम
नियमित रूप से नट्स खाने का संबंध पित्त की पथरी के कम जोखिम से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा अखरोट और दूसरे ट्री नट्स में मौजूद पोषक तत्व ट्राइग्लिसराइड्स और LDL कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने तथा हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करने में भूमिका निभा सकते हैं। इनमें मौजूद फाइबर और हेल्दी फैट्स गट हेल्थ के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं।
रोज कितनी मात्रा में नट्स खाना सही है?
नट्स से मिलने वाले फायदे हासिल करने के लिए इनका सेवन संतुलित मात्रा में करना जरूरी है। सामान्य तौर पर दिनभर में करीब 28 से 30 ग्राम यानी एक मुट्ठी नट्स खाना उचित मात्रा माना जाता है। जरूरत से ज्यादा नट्स खाने पर कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। नमक या अतिरिक्त चीनी वाले नट्स की जगह प्राकृतिक या कम प्रोसेस्ड विकल्प बेहतर हो सकते हैं।
नट्स को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाएं
नट्स में मौजूद फाइबर, हेल्दी फैट्स, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर के कई हिस्सों की सेहत को सपोर्ट कर सकते हैं। कोलन, लिवर, दिमाग, हृदय, गट और नींद से जुड़े संभावित फायदों के कारण इन्हें संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल नट्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। नियमित सेवन के साथ संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।
Read More : IND vs NZ T20: 4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार की वापसी, न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया घोषित