AAP Protest Today : चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी कांग्रेस और वाम दलों के साथ इस आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता 7 अक्टूबर को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे। इससे दिल्ली में विपक्षी दलों के संयुक्त आंदोलन का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
7 अक्टूबर को दोपहर एक बजे होगा प्रदर्शन
AAP के मुताबिक, कांग्रेस, वाम दलों और दिल्ली में सक्रिय अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता 7 अक्टूबर को दोपहर एक बजे कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली CEO कार्यालय की ओर मार्च करेंगे। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर आयोजित किया जा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने कार्यकर्ताओं से की अपील
सौरभ भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है कि कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष की ओर से सड़क पर किए जाने वाले हर प्रदर्शन में AAP शामिल होगी। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विपक्ष के साथ AAP
AAP नेता ने कहा कि बुधवार को दिल्ली CEO कार्यालय के बाहर ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने पार्टी से जुड़े लोगों से अधिक संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया। AAP का यह ऐलान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के कई नेता पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के गंभीर सवाल
विपक्षी दल Special Intensive Revision की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और नामों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। विपक्ष इसी मुद्दे को कथित ‘वोट चोरी’ से जोड़ते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक अभियान चला रहा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
कांग्रेस और वाम दलों ने पहले किया था ऐलान
दिल्ली कांग्रेस ने इससे पहले ही 7 अक्टूबर को दिल्ली चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर संयुक्त प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। पार्टी की ओर से बताया गया था कि INDIA ब्लॉक से जुड़े दिल्ली के विभिन्न दल इस प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। कांग्रेस के अलावा CPI, CPI(M), RJD, NCP और RSP सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई थी। अब AAP के जुड़ने से प्रदर्शन में विपक्षी एकजुटता और स्पष्ट दिखाई दे सकती है।
मंगलवार को सांसदों ने भी किया था मार्च
चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। हालांकि, सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने विरोध दर्ज कराया।
सौरभ भारद्वाज पहले भी हिरासत में लिए गए
AAP नेता सौरभ भारद्वाज भी इससे पहले दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शनों में शामिल हो चुके हैं। एक प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस हिरासत में भी लिया गया था। पार्टी का कहना है कि कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। AAP ने संकेत दिया है कि वह विपक्षी दलों के संयुक्त प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
चुनाव आयोग ने आरोपों को बताया निराधार
विपक्ष के आरोपों के बीच चुनाव आयोग और बीजेपी लगातार इन दावों को खारिज करते रहे हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक निर्धारित प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाना तथा योग्य नागरिकों का मतदाता के रूप में पंजीकरण सुनिश्चित करना है। ऐसे में 7 अक्टूबर का संयुक्त प्रदर्शन SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का एक और बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।
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