Earthquake : उत्तराखंड से लेकर दिल्ली-NCR तक उत्तर भारत के कई इलाकों में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में कुछ समय के लिए दहशत फैल गई। उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई जिलों में कंपन महसूस होने के बाद लोग एहतियातन घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। फिलहाल भूकंप के कारण किसी तरह की जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।
चमोली में बताया गया भूकंप का केंद्र
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी यानी NCS के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में बताया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, धरती के करीब 13 किलोमीटर नीचे भूकंप का केंद्र स्थित था। मध्यम तीव्रता के इस भूकंप के झटके उत्तराखंड के अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों में भी महसूस किए गए।
रात करीब 10:24 बजे महसूस हुए झटके
जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में भूकंप के झटके रात करीब 10:24 बजे महसूस किए गए। अचानक कंपन होने से कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर इमारतों और घरों में मौजूद लोगों ने भी धरती हिलने का अनुभव किया। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की जानकारी नहीं मिली है।
कुमाऊं के कई जिलों में हिली धरती
कुमाऊं मंडल के कई क्षेत्रों में भूकंप का असर महसूस किया गया। बागेश्वर, भीमताल, पिथौरागढ़, चंपावत, हल्द्वानी और खटीमा में लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी। भूकंप के झटके कितने समय तक महसूस हुए, इसे लेकर अलग-अलग इलाकों से अलग अनुभव सामने आए। झटके महसूस होने के बाद लोगों के बीच कुछ देर तक चिंता का माहौल रहा।
गढ़वाल मंडल में भी महसूस किए गए कंपन
गढ़वाल क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश, गोपेश्वर, चमोली और बदरीनाथ सहित कई इलाकों में धरती हिलने की खबर सामने आई। चमोली जिले में भूकंप का केंद्र होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में कंपन अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस किए जाने की बात सामने आई है।
दिल्ली-NCR तक पहुंचा भूकंप का असर
उत्तराखंड में महसूस किए गए भूकंप के झटके पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित नहीं रहे। दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में भी लोगों ने कंपन महसूस होने की जानकारी दी। हालांकि, राजधानी क्षेत्र में किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। भूकंप के अचानक झटकों के कारण कई लोगों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी इसकी जानकारी साझा की।
लोगों में कुछ देर रही अफरा-तफरी
भूकंप के झटके महसूस होते ही कई स्थानों पर लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक धरती हिलने से लोगों के बीच घबराहट देखी गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाते नजर आए। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार स्थिति सामान्य है और किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
असम में भी आया 4.5 तीव्रता का भूकंप
इसी दिन असम के नागांव जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, असम में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.5 दर्ज की गई। यह भूकंप सुबह करीब 4 बजकर 23 मिनट और 47 सेकंड पर आया था। इसकी गहराई जमीन के भीतर करीब 33 किलोमीटर बताई गई।
NCS ने साझा की भूकंप की सटीक जानकारी
NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए असम में आए भूकंप का केंद्र भी बताया। एजेंसी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र 26.428 उत्तरी अक्षांश और 93.060 पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इससे पहले और बाद में देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंपीय गतिविधियों पर निगरानी जारी रहती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता जरूरी
उत्तराखंड जैसे भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील पहाड़ी राज्य में ऐसे झटकों के बाद लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होती है। भूकंप के दौरान लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और क्षतिग्रस्त इमारतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। फिलहाल उत्तराखंड में आए 4.4 तीव्रता के भूकंप के बाद किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं।
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