Russia Plague Alert : रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित एक अनुसंधान संस्थान में संदिग्ध न्यूमोनिक प्लेग मामले की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस घटनाक्रम को लेकर अमेरिका समेत कई स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रयोगशाला में एक टेस्ट ट्यूब टूटने के बाद एक रिसर्चर की मौत की जानकारी सामने आई है।
ट्रंप और पुतिन के बीच होने वाली है अहम बातचीत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि इस मामले को लेकर उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से जल्द फोन पर बातचीत होने वाली है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से चर्चा कर रहा है और खुफिया समुदाय से भी इस संबंध में जानकारी ली जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि पुतिन के साथ बातचीत में मामले की स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की जा सकती है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां कर रहीं गहन समीक्षा
ट्रंप से जब पूछा गया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की ओर से इस संदिग्ध मामले को लेकर क्या जानकारी मिली है, तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर गहन चर्चा चल रही है। अमेरिका यह समझने की कोशिश कर रहा है कि साइबेरिया स्थित संस्थान में वास्तव में क्या हुआ और क्या इससे व्यापक स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है।
रूस को जरूरत पड़ी तो अमेरिका देगा मदद
इससे पहले ट्रंप ने यह भी कहा था कि अगर रूस में प्लेग की स्थिति गंभीर होती है या वहां किसी तरह की सहायता की आवश्यकता पड़ती है, तो अमेरिका मदद के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने प्लेग को बेहद खतरनाक बीमारी बताते हुए कहा कि इतिहास में इसे नियंत्रित किया गया है, लेकिन इसके रोगाणुओं को लेकर सतर्कता जरूरी है।
WHO ने रूस से मांगी घटना की विस्तृत जानकारी
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO भी इस घटनाक्रम की निगरानी कर रहा है। संगठन के अनुसार, रूसी संघ के इरकुत्स्क प्रांत में स्थित इरकुत्स्क एंटीप्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक प्रयोगशाला कर्मचारी की 2 अक्टूबर 2026 को गंभीर निमोनिया के बाद मौत हुई थी। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में कथित तौर पर प्रयोगशाला में आकस्मिक संक्रमण और न्यूमोनिक प्लेग की आशंका जताई गई थी।
रूस ने क्षेत्र में प्लेग के मामलों से किया इनकार
WHO के सत्यापन अनुरोध के जवाब में रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इरकुत्स्क प्रांत में हाल के समय में प्लेग का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। रूसी पक्ष ने किसी बड़े प्रयोगशाला हादसे या व्यापक संक्रमण फैलने संबंधी दावों को भी खारिज किया है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की महामारी विज्ञान संबंधी जांच की गई है और आवश्यक रोकथाम उपाय लागू किए गए।
संपर्क में आए लोगों की हुई मेडिकल निगरानी
रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, मृतक के संपर्क में आए लोगों को चिकित्सा निगरानी में रखा गया और उनकी जांच की गई। अधिकारियों ने WHO को बताया कि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति में उच्च जोखिम वाला रोगजनक नहीं मिला। संपर्क में आए लोगों की चिकित्सा निगरानी भी पूरी हो चुकी है।
दूसरे कर्मचारी की रिपोर्ट से भी बढ़ी चिंता
WHO ने गंभीर निमोनिया के कारणों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को प्रेरित करने वाले संभावित रोगजनक के बारे में रूस से अतिरिक्त जानकारी मांगी है। संगठन ने अज्ञात कारण से निमोनिया से पीड़ित दूसरे कर्मचारी से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
पूरी दुनिया की नजर अब जांच के नतीजों पर
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कर्मचारी की मौत का वास्तविक कारण क्या था और क्या इसका प्रयोगशाला संक्रमण से कोई संबंध है। रूस की जांच, WHO की निगरानी और अमेरिका-रूस के शीर्ष नेतृत्व के बीच प्रस्तावित बातचीत से आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। तब तक स्वास्थ्य एजेंसियां संभावित जैव-सुरक्षा जोखिम को लेकर सतर्क बनी हुई हैं।
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