Rejinagar Election : रेजीनगर में मतदान के दौरान पुलिस के साथ हुई तीखी बहस और बाद की गिरफ्तारी के एक दिन बाद AJUP प्रमुख और नौडा के विधायक हुमायूं कबीर बुधवार को मीडिया के सामने भावुक नजर आए। उन्होंने चुनावी राजनीति से दूरी बनाने का संकेत दिया। साथ ही दावा किया कि मुर्शिदाबाद की मुस्लिम-बहुल रेजीनगर सीट पर बीजेपी जीत दर्ज कर सकती है।
विधानसभा जाने से किया इनकार
हुमायूं कबीर ने अपने बयान में कहा कि अगर सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने रहते हैं तो वह विधानसभा नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह अपनी आवंटित विधानसभा सीट पर भी नहीं बैठेंगे और विधानसभा का बहिष्कार करेंगे। कबीर ने आरोप लगाया कि रेजीनगर में पुलिस का इस्तेमाल कर दहशत का माहौल बनाया गया।
नौडा के लोगों से मांगी माफी
कबीर ने कहा कि विधानसभा जाने के अपने फैसले को लेकर वह नौडा के लोगों से माफी मांगेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दुर्गा पूजा के बाद वह नौडा विधानसभा क्षेत्र के लोगों से चर्चा करेंगे और उसके बाद तय करेंगे कि वह विधायक बने रहेंगे या नहीं। उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं।
राजनीति से संन्यास का भी संकेत
AJUP प्रमुख ने अपने बयान में राजनीति से स्वेच्छा से रिटायरमेंट लेने की संभावना भी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था और उनके साथ हुए व्यवहार से उनका मोहभंग हुआ है। हालांकि, उन्होंने तत्काल विधायक पद छोड़ने की कोई अंतिम घोषणा नहीं की और नौडा के लोगों से बातचीत के बाद निर्णय लेने की बात कही।
मतदान के दिन हुई थी पुलिस से झड़प
कबीर का यह बयान रेजीनगर में हाई-वोल्टेज मतदान के अगले दिन सामने आया। मतदान के दौरान पार्टी कार्यालय के बाहर पुलिस के साथ विवाद के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। करीब 12 घंटे हिरासत में रहने के बाद उन्हें रिहा किया गया। इस घटनाक्रम ने पहले से ही चर्चित उपचुनाव को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया।
बेटे की उम्मीदवारी ने बढ़ाया मुकाबला
रेजीनगर सीट पर इस समय मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद AJUP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। यह सीट मुर्शिदाबाद जिले की अल्पसंख्यक-बहुल विधानसभा सीटों में शामिल है। ऐसे में मतदान के दौरान हुई घटनाओं और कबीर के बयानों का चुनावी परिणाम पर असर चर्चा का विषय बन गया है।
दोनों सीटों से जीते थे कबीर
हुमायूं कबीर ने पिछले विधानसभा चुनाव में नौडा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। चुनावी नियमों के तहत उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ी, जिसके बाद रेजीनगर में उपचुनाव की स्थिति बनी। इस बार उनके बेटे के चुनाव लड़ने के कारण यह मुकाबला उनके राजनीतिक प्रभाव के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कबीर पर लगे गंभीर आरोप
पुलिस कार्रवाई के दौरान कबीर पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश और भड़काऊ बयान देने जैसे आरोप लगाए गए। इसके बाद पार्टी कार्यालय के बाहर पुलिस के साथ हुए विवाद के सिलसिले में उन्हें हिरासत में लिया गया। कबीर ने हालांकि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
गिरफ्तारी बनी मतदान दिवस की बड़ी घटना
रेजीनगर और नौडा दोनों क्षेत्रों में मतदान के दौरान अपेक्षाकृत अच्छा मतदान हुआ, लेकिन कबीर की गिरफ्तारी दिन की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल रही। अगले दिन उनका बदला हुआ भावनात्मक अंदाज देखने को मिला। आंखों में आंसू लिए उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर निशाना साधते हुए रेजीनगर की चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
हुमायूं कबीर के विधानसभा बहिष्कार, संभावित राजनीतिक संन्यास और बीजेपी की जीत के दावे ने रेजीनगर उपचुनाव की चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। अब सबकी नजरें चुनाव परिणाम और कबीर के अगले राजनीतिक फैसले पर टिकी हैं। खासतौर पर नौडा के मतदाताओं से उनकी आगामी बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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