Raipur Smart City News : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के दावे लगातार किए जाते रहे हैं, लेकिन शहर के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट की बदहाल व्यवस्था इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। रात होते ही कई प्रमुख सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में अंधेरा छा जाता है। इससे आम लोगों के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
12 से ज्यादा इलाकों में बंद हैं स्ट्रीट लाइट
जानकारी के मुताबिक, रायपुर के अनुपम नगर, दलदल सिवनी, देवेंद्र नगर समेत 12 से अधिक इलाकों में बड़ी संख्या में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। कई स्थानों पर लंबे समय से लाइटें खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। अंधेरे के कारण रात में पैदल चलने वाले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटना और आपराधिक घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
शव की तलाश में पुलिस को जलानी पड़ी फ्लैश लाइट
स्ट्रीट लाइट की खराब व्यवस्था का सबसे गंभीर उदाहरण अनुपम नगर में देखने को मिला। यहां शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल के आसपास पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण पुलिसकर्मियों को सर्चिंग के दौरान मोबाइल फोन और फ्लैश लाइट का सहारा लेना पड़ा। अंधेरे में पुलिस की कार्रवाई का यह दृश्य शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रात में आवाजाही बनी चुनौती
शहर के जिन इलाकों में स्ट्रीट लाइट बंद हैं, वहां रात के समय आवाजाही करना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई सड़कें ऐसी हैं जहां शाम के बाद रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती। ऐसे में महिलाओं, बुजुर्गों और अकेले सफर करने वाले लोगों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने खराब स्ट्रीट लाइट को जल्द ठीक कराने की मांग की है।
एक्सप्रेस-वे पर भी रोशनी का संकट
रायपुर के एक्सप्रेस-वे जैसे प्रमुख मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइट की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्य मार्गों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से रात में वाहन चालकों को दिक्कत होती है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर नगर निगम और प्रशासन पर निशाना साधते हुए व्यवस्था सुधारने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
50 लाख रुपये का फंड मंजूर
मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त ने बताया कि बंद स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का फंड मंजूर किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस राशि से खराब लाइटों को दुरुस्त कराने का काम किया जाएगा। निगम का दावा है कि जल्द ही प्रभावित इलाकों में रोशनी की व्यवस्था बहाल कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
लोगों को अब स्थायी समाधान का इंतजार
रायपुर में स्ट्रीट लाइट की समस्या सिर्फ रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध शहर की सुरक्षा और रात में लोगों की आवाजाही से भी है। अनुपम नगर में शव की तलाश के दौरान पुलिस को फ्लैश लाइट का इस्तेमाल करना पड़ा, जिसने समस्या की गंभीरता को उजागर कर दिया है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि 50 लाख रुपये के फंड से कब तक सभी खराब स्ट्रीट लाइटें ठीक होती हैं और रायपुर के अंधेरे इलाकों में दोबारा रोशनी लौटती है।
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