INDIA Bloc Protest : चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। 9 अक्टूबर 2026 को हुई इस मुलाकात में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। ज्ञापन में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और चुनावों में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राहुल गांधी ने बताया कि राष्ट्रपति ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे। <Cite refs={[“turn647478news21″,”turn647478search6”]}/>
वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के लगाए आरोप
विपक्षी दलों ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के चुनावों का उल्लेख किया गया। विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये विपक्ष के दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
ज्ञापन में विपक्ष ने भविष्य के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय कागजी मतपत्रों से कराने की मांग रखी। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि बैलेट पेपर से मतदान कराने पर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे संदेह कम किए जा सकते हैं। वहीं, चुनाव प्रणाली में बदलाव की मांग के साथ EVM से संबंधित आरोपों और उनके समर्थन में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का मूल्यांकन अलग-अलग स्तर पर किया जाना जरूरी है।
SIR रोकने और हटाए गए नाम बहाल करने की मांग
विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की है। ज्ञापन में दावा किया गया कि मतदाता सूची से करीब 13.30 करोड़ लोगों के नाम हटाए जाने का मुद्दा गंभीर है और ऐसे मतदाताओं के नाम बहाल किए जाने चाहिए। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। हालांकि, 13.30 करोड़ नामों से संबंधित दावा विपक्ष की ओर से किया गया है; इसे आधिकारिक रूप से सत्यापित आंकड़े के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त और 2023 के कानून पर सवाल
INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करने की मांग भी की। विपक्ष का आरोप है कि इस कानून से जवाबदेही प्रभावित होती है। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव आयोग को संविधान के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है।
पिछले दो वर्षों के चुनाव रद्द करने की मांग
ज्ञापन में विपक्ष ने पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग रखी, जिनमें उसके मुताबिक वोट चोरी के निर्णायक सबूत मौजूद हैं। यह मांग राजनीतिक विवाद को और गंभीर बनाती है, क्योंकि चुनाव रद्द करने जैसे कदम के लिए संबंधित कानूनों, उपलब्ध साक्ष्यों और सक्षम संस्थाओं की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप की अपील
विपक्ष ने राष्ट्रपति से लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी संवैधानिक भूमिका निभाने की अपील की। अब इस पूरे विवाद में राष्ट्रपति कार्यालय, चुनाव आयोग और संबंधित कानूनी संस्थाओं की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी। फिलहाल ज्ञापन में उठाई गई मांगें विपक्ष का पक्ष हैं; इनके आधार पर किसी चुनाव में अनियमितता को स्वतः सिद्ध नहीं माना जा सकता।
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