Delhi CJP Protest : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) तथा INDIA गठबंधन के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। प्रदर्शन शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद संभावित भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राजधानी के प्रमुख प्रवेश मार्गों, सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
अखिलेश यादव ने आंदोलनकारियों को दिया समर्थन
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट साझा कर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की युवा ऊर्जा आंदोलनकारियों के साथ है। अखिलेश के मुताबिक, यदि भाजपा सरकार ताकत के बल पर लोगों को रोकने की कोशिश करती है, तो यह उसकी बड़ी राजनीतिक भूल साबित हो सकती है। उनके बयान को विपक्षी आंदोलन और युवाओं की भागीदारी के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
‘किसी के रोके नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा’
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में लिखा, “किसी के रोके नहीं रुकेगा, अब दिल्ली में देश जुटेगा!” उन्होंने जंतर-मंतर को केवल प्रदर्शन स्थल के बजाय नई चेतना और जागरण का प्रतीक बताया। उनके बयान का मुख्य संदेश यह था कि विरोध की आवाज को रोकने की कोशिश से आंदोलन और व्यापक हो सकता है। हालांकि, प्रदर्शन में कितने लोग शामिल होंगे और पुलिस की व्यवस्था के बीच कार्यक्रम किस रूप में आगे बढ़ेगा, यह स्थिति पर निर्भर करेगा।
आंदोलन रोकने पर देशभर में विरोध का संदेश
सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार यह सोचती है कि वह ताकत के इस्तेमाल से जनता को रोक सकती है, तो यह गलत आकलन होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आंदोलनकारियों को रोका गया, तो देश के अलग-अलग हिस्सों में जंतर-मंतर जैसे विरोध स्थल बन सकते हैं। अपने पोस्ट में अखिलेश ने युवाओं के हौसले और तैयारी का उल्लेख करते हुए कुछ पंक्तियां भी साझा कीं। उनके संदेश में शांतिपूर्ण विरोध, युवा भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उभरा।
SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची पर विपक्ष के सवाल
विपक्षी दलों का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में अनियमितताएं हुई हैं। इसी मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने का दावा किया है। विपक्ष की ओर से उठाए गए आरोपों और मांगों पर निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि भी आवश्यक है।
विपक्ष की चार प्रमुख मांगें
दिए गए विवरण के अनुसार, विपक्ष की पहली मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयुक्तों को कानूनी प्रतिरक्षा देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करने की है। दूसरी मांग SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और कथित तौर पर हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की है। तीसरी मांग सभी चुनावों में पेपर बैलेट व्यवस्था दोबारा लागू करने की है। चौथी मांग पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की है, जिनमें विपक्ष के मुताबिक वोट चोरी हुई। ये विपक्ष की मांगें और आरोप हैं, प्रमाणित निष्कर्ष नहीं।
प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव पर नजर
CJP और INDIA गठबंधन के प्रस्तावित प्रदर्शन ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। एक ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्षी नेता प्रदर्शन के समर्थन में बयान दे रहे हैं। आगे की स्थिति पुलिस की कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों पर निर्भर करेगी।
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