US Russia Diesel Deal : अमेरिका ने रूसी डीजल की बिक्री से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में अगले साल 7 अप्रैल तक छूट देने की घोषणा की है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत के बाद सामने आया। अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, यह छूट रूस में उत्पादित डीजल की बिक्री, आपूर्ति, उतारने और आयात से जुड़े निर्धारित लेन-देन पर लागू होगी। इसमें अमेरिका में आयात भी शामिल है। इस कदम का उद्देश्य बाजार में ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने में मदद करना बताया गया है।
जेलेंस्की ने फैसले को बताया कमजोर कदम
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के इस निर्णय की आलोचना की है। उनका कहना है कि रूस को पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अनुमति देने से मॉस्को को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधन मिल सकते हैं। जेलेंस्की ने इस समझौते को कमजोर फैसला बताते हुए चिंता जताई कि इससे रूस पर आर्थिक दबाव कम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पुतिन को रियायत देने से दुनिया को शांति हासिल करने में कोई वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा।
शांति वार्ता के बीच हुआ समझौता
यह घोषणा ऐसे समय हुई, जब यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल रूस के साथ जारी युद्ध का समाधान खोजने के लिए अमेरिका में मौजूद था। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि वार्ता में शामिल लोगों का इस्तेमाल अनुचित तरीके से किया जा रहा है। उनके मुताबिक, रूस को आर्थिक राहत देने वाले फैसले शांति प्रक्रिया को कमजोर कर सकते हैं। हालांकि, अमेरिकी पक्ष की ओर से इस छूट को ईंधन आपूर्ति और बाजार की जरूरतों के संदर्भ में पेश किया गया है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक मतभेदों को फिर चर्चा में ला दिया है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने क्या कहा?
अमेरिकी वित्त विभाग ने अपने बयान में बताया कि रूस से जुड़े प्रतिबंध नियमों के तहत कुछ निर्धारित लेन-देन को 7 अप्रैल, 2027 तक मंजूरी दी गई है। यह अनुमति रूसी संघ में बने डीजल की बिक्री, डिलीवरी, अनलोडिंग और आयात से संबंधित गतिविधियों पर लागू होगी। हालांकि, इस छूट का दायरा समझने के लिए संबंधित आधिकारिक लाइसेंस की शर्तें देखना जरूरी है। इसे रूस से जुड़े सभी प्रतिबंधों की समाप्ति नहीं माना जाना चाहिए।
रूस से लाखों टन डीजल आपूर्ति का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने रूस से बड़े पैमाने पर डीजल आपूर्ति की योजना का जिक्र किया। उनके बयान में शुरुआत में तीन लाख टन से अधिक डीजल, इसके बाद नवंबर में पांच लाख टन और फिर दस लाख टन आपूर्ति का उल्लेख किया गया। उन्होंने आगे रूस की रिफाइनरियों की स्थिति के आधार पर अतिरिक्त तीस लाख टन डीजल उपलब्ध कराने की बात भी कही। इन आंकड़ों और आपूर्ति की समयसीमा की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वैश्विक बाजार में डीजल की कीमतों पर दबाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि रूसी रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों और सऊदी अरब में ईंधन ढांचे पर हूथी हमलों के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ा। ऊर्जा बाजार में आपूर्ति घटने से परिवहन, उद्योग और अन्य क्षेत्रों की लागत प्रभावित हो सकती है। अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की कीमतें कम रखना ट्रंप प्रशासन के लिए भी अहम राजनीतिक मुद्दा है। अब इस फैसले पर नजर रहेगी कि इससे बाजार की आपूर्ति, रूस की आय और यूक्रेन युद्ध से जुड़े कूटनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ता है।
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