Smriti Irani Attacks Congress : भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया तथा संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार के बाद अब कुंठा की स्थिति में पहुंच गई है। ईरानी के मुताबिक, पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं पर आत्ममंथन करने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।
51 वर्षों बाद भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान नहीं: ईरानी
स्मृति ईरानी ने अपने पोस्ट में कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि 51 साल बीत जाने के बावजूद पार्टी ‘लोक’ का सम्मान करना और ‘तंत्र’ की पवित्रता के प्रति निष्ठा जताना नहीं सीख पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी नतीजों को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है। उनका यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी विवाद के बीच आया है।
अमित शाह का वीडियो साझा कर कांग्रेस को घेरा
ईरानी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो भी साझा किया। इस वीडियो में शाह कांग्रेस पर चुनावी हार के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), चुनाव आयोग और मतदाता सूची को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाते दिखाई देते हैं। शाह का तर्क है कि कांग्रेस को चुनावी नतीजों के लिए संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय अपनी राजनीतिक रणनीति और प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए।
अमित शाह ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर उठाए सवाल
वीडियो में अमित शाह ने विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की लंबे समय से सत्ता से दूरी का जिक्र किया। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, गुजरात और ओडिशा का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि यदि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो पहले के वर्षों में गैर-कांग्रेसी सरकारें कैसे बनीं। शाह ने कहा कि बीजेपी 2014 में केंद्र की सत्ता में आई थी, इसलिए कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उससे पहले इन राज्यों में गैर-कांग्रेसी दलों की सरकारें क्या कथित ‘वोट चोरी’ से बनी थीं।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी शाह ने की टिप्पणी
अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पार्टी लगातार राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर आत्मचिंतन करने की सलाह दी। शाह की ये टिप्पणियां बीजेपी और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं। कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों और बीजेपी के जवाबों को अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी विवाद
कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रही है। पार्टी ने मतदाता सूची में कथित हेरफेर और बीजेपी को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ना चाहिए। पार्टी ने मतदाता सूची और चुनाव कराने की व्यवस्था में बदलाव की मांग भी उठाई है।
लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवाल उठा रही है। पार्टी के नेता दिल्ली में भी चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च और विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं। दूसरी ओर, बीजेपी कांग्रेस के आरोपों को चुनावी हार से जोड़ते हुए खारिज कर रही है। ऐसे में SIR, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव जारी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बयान और प्रशासनिक कदम महत्वपूर्ण रहेंगे।
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