CJP Protest: दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजधानी के मध्य क्षेत्र की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होने की खबर सामने आई। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कार्रवाई के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
सब-इंस्पेक्टर बजरंग जाधव घायल
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर बजरंग जाधव घायल हो गए। उन्होंने बताया कि वह ड्यूटी पर तैनात थे और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ से धक्का लगने के कारण वह गिर गए और उन्हें चोट आई। जाधव के अनुसार, पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रही थी, जबकि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया।
आकाशवाणी भवन के पास पथराव का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, दोपहर के समय करीब 25 से 30 प्रदर्शनकारियों ने आकाशवाणी भवन के नजदीक इम्तियाज अली मार्ग पर लगाए गए बैरिकेड्स को पार कर लिया। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके। इस घटना में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी अधिकारियों ने दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों के बयान सामने आए हैं, जबकि मामले की विस्तृत परिस्थितियों की पुष्टि आधिकारिक जांच से होगी।
करीब 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की जानकारी
पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 500 लोगों को दिल्ली के अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा पार करने के बाद गलियों के रास्ते दोबारा इकट्ठा होने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के दौरान राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर निगरानी की गई।
मेट्रो स्टेशन और डिटेंशन सेंटर को लेकर सुरक्षा इंतजाम
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए। खबर के मुताबिक, पुलिस ने 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद किया था और कई स्टेडियमों को अस्थायी हिरासत केंद्रों के रूप में इस्तेमाल करने की व्यवस्था की थी। हिरासत में लिए गए लोगों को इन केंद्रों में भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। इन प्रतिबंधों और व्यवस्थाओं के संबंध में आधिकारिक विवरण की पुष्टि आवश्यक है।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू किए जाने की जानकारी दी गई। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के जुटने और सुरक्षा घेरा पार करने के प्रयासों से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
अभिजीत दीपके की हिरासत के बाद कौन संभालेगा आंदोलन?
प्रदर्शन से पहले CJP के प्रमुख नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को IGI एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद अभिजीत दीपके का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने बताया कि संगठन के इंचार्ज अजिंक्य शिंदे आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। बताया गया कि यह वीडियो उन्होंने पिछली रात रिकॉर्ड किया था, क्योंकि उन्हें अपनी और अन्य नेताओं की हिरासत की आशंका थी। अब प्रदर्शन की अगली रणनीति और संगठन के नेतृत्व पर नजर बनी हुई है।
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