INDIA Bloc Protest : कांग्रेस ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़े विरोध मार्च की तैयारी की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित नागरिकों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक का प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारियों के खिलाफ होगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि देश में चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इन मुद्दों पर जवाबदेही जरूरी है।
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर की अपील
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर सोमवार के विरोध मार्च में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को लेकर चिंतित लोगों को इस प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “ज्ञानेश को जाना ही होगा। कोई पीछे नहीं हटेगा।” उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना राजनीतिक विरोध जारी रखने के पक्ष में है।
मोदी सरकार पर लगाए वोट चोरी के आरोप
वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मोदी और अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार देशभर में ‘वोट चोरी’ कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मार्च की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को विभिन्न नेताओं के साथ विस्तृत बैठक की गई थी। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। हालांकि, वोट चोरी से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं; उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
CEC ज्ञानेश कुमार और अन्य अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन
कांग्रेस महासचिव के मुताबिक, सोमवार के मार्च में विपक्षी गठबंधन के सांसद, नेता, कार्यकर्ता और लोकतंत्र को लेकर चिंतित नागरिक हिस्सा लेंगे। प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराना है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखने और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांगने की तैयारी में हैं। इस प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने समर्थकों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया है।
CJI को ज्ञापन सौंपने की भी तैयारी
विरोध मार्च के साथ-साथ INDIA ब्लॉक के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भारत के प्रधान न्यायाधीश यानी CJI को ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहा है। वेणुगोपाल के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल मौजूदा स्थिति में हस्तक्षेप की मांग करेगा। यह कदम विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया से संबंधित चिंताओं को न्यायपालिका के समक्ष उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने और उस पर संभावित कार्रवाई की पुष्टि प्रस्तावित कार्यक्रम के बाद ही हो सकेगी।
संसद से विजय चौक तक निकाला गया था मार्च
इससे पहले शुक्रवार शाम विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर से विजय चौक तक पैदल मार्च निकाला था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा सहित कई विपक्षी सांसद शामिल हुए थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी सौंपा गया ज्ञापन
शुक्रवार को मार्च के बाद विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया। अब सोमवार को प्रस्तावित मार्च और CJI को ज्ञापन सौंपने की योजना के जरिए विपक्ष इस मुद्दे को आगे बढ़ाना चाहता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाएं विपक्ष के आरोपों तथा मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
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