Students Ki Goonj : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने परिसीमन प्रस्ताव को लेकर आरोप लगाया कि इसके जरिए तमिलनाडु को निशाना बनाया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को तमिल संस्कृति, भाषा और इतिहास पर हमला नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षा नीति और परिसीमन के मुद्दों को उठाते हुए केंद्र पर नफरत और विभाजन की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
लोकतंत्र में सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार: राहुल गांधी
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ लोकतंत्र, जिज्ञासा और नागरिक अधिकारों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा का अर्थ सवाल पूछना है और लोकतंत्र नागरिकों को सवाल पूछने का अधिकार देता है। उनके मुताबिक, संविधान इस अधिकार की रक्षा करता है, जबकि मतदान यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि जनता अपने प्रतिनिधियों और सरकारों से जवाब मांग सके। राहुल ने छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के महत्व का संदेश दिया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भाषा को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इसके बहाने तमिलनाडु के स्कूलों का 3,300 करोड़ रुपये का फंड रोक दिया गया है। उन्होंने इसे भाषा से जुड़े विवाद और राज्य के अधिकारों के सवाल से जोड़ा। कांग्रेस नेता के अनुसार, शिक्षा नीति बनाते समय क्षेत्रीय भाषाओं और राज्यों की जरूरतों का ध्यान रखा जाना चाहिए। हालांकि, फंड रोके जाने के कारण और इस संबंध में केंद्र सरकार का पक्ष जानने के लिए आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
NEET और मेडिकल सीटों में हिस्सेदारी का मुद्दा
कांग्रेस नेता ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा लागू होने के बाद एमबीबीएस सीटों में तमिल माध्यम से पढ़ने वाले विद्यार्थियों की हिस्सेदारी में 87 प्रतिशत की गिरावट आई है। राहुल गांधी ने इस आंकड़े के जरिए शिक्षा व्यवस्था में भाषा और अवसरों की समानता का मुद्दा उठाया। उनके बयान में यह सवाल प्रमुख रहा कि क्या मौजूदा व्यवस्था क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई करने वाले छात्रों को समान अवसर दे रही है। इस दावे के आंकड़ों और तुलना की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्तियों पर भी सवाल
राहुल गांधी ने तमिलनाडु के राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्तियों का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि राज्य के 70 प्रतिशत विश्वविद्यालयों में कुलपति नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल की ओर से नियुक्तियों में रुकावट के कारण यह स्थिति बनी है। राहुल ने इसे राज्यों के अधिकारों और शिक्षा संस्थानों के प्रशासन से जुड़ा विषय बताया। इस मामले में संबंधित विश्वविद्यालयों और राज्य प्रशासन के आधिकारिक आंकड़े स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे।
परिसीमन प्रस्ताव से प्रतिनिधित्व घटने की आशंका
राहुल गांधी ने परिसीमन प्रस्ताव पर कहा कि इससे तमिलनाडु को सजा देने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है और संसद में राज्य की आवाज कमजोर पड़ सकती है। उन्होंने राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर चिंता जताई। परिसीमन के प्रभाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों के बीच बहस जारी है; प्रस्ताव के वास्तविक प्रभाव का आकलन उसके प्रावधानों और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाना चाहिए।
दिल्ली प्रदर्शन और केंद्र सरकार पर राहुल का हमला
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भाजपा से जुड़े लोगों ने छात्रों की पिटाई की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी सत्ता बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और विपक्ष छात्रों की आवाज उठाता रहेगा। राहुल ने यह भी कहा कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। उनके बयान पर केंद्र सरकार और भाजपा की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
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