Vote Chori Allegations : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बेंगलुरु में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए। हालांकि, खरगे का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को स्वतंत्र निर्णय लेने की पूरी छूट नहीं मिल रही है। उन्होंने इस स्थिति को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया।
चुनाव आयोग के दो सदस्यों के बयानों का किया जिक्र
खरगे ने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने आयोग के कामकाज और कथित अनियमितताओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है। उनके अनुसार, इन सदस्यों ने बताया कि आयोग में किस तरह की समस्याएं सामने आईं और उन्हें किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि यदि इस तरह की बातें सामने आई हैं, तो संबंधित मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हुई। ये आरोप खरगे के बयान पर आधारित हैं और संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वोट चोरी के आरोपों को लेकर बीजेपी पर निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी अनियमितताओं के जरिए सत्ता में बने रहने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ का मुद्दा बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय मानती है। खरगे के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। हालांकि, चुनावी गड़बड़ी और वोट चोरी से जुड़े उनके आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि कांग्रेस के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
2023 के कानून और चुनाव आयुक्तों को मिली सुरक्षा पर सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए खरगे ने 2023 में बनाए गए उस कानून का उल्लेख किया, जो मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पदावधि से संबंधित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून के जरिए चुनाव आयोग के अधिकारियों को विशेष सुरक्षा दी गई है। खरगे ने सवाल किया कि चुनाव आयुक्तों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का दायरा क्या है और इसके लोकतांत्रिक जवाबदेही पर क्या प्रभाव पड़ते हैं। इस मुद्दे पर कानून के वास्तविक प्रावधानों और उनके कानूनी अर्थ को समझना जरूरी है।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात
खरगे ने कहा कि कांग्रेस कथित चुनावी अनियमितताओं, EVM से जुड़े सवालों और वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। उनके बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर असंतोष स्पष्ट दिखाई दिया। हालांकि, EVM या चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच और प्रमाण महत्वपूर्ण होंगे।
दिल्ली में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन की तैयारी
इस बीच, INDIA गठबंधन ने सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की घोषणा की है। खबर के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेता इसमें शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गठबंधन ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने तक अपना विरोध जारी रखेगा। इस घोषणा के साथ चुनाव आयोग की निष्पक्षता, कानूनी जवाबदेही और चुनाव प्रक्रिया में भरोसे को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
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