Yemen Conflict : यमन के लहज इलाके में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच संघर्ष तेज होने की खबर है। हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले टीवी चैनल अल-मसीरा ने लड़ाई से जुड़े कुछ वीडियो प्रसारित किए हैं। फुटेज में सैन्य वाहनों और टैंकों से गोलीबारी होती दिखाई दे रही है। इसके अलावा, मोर्टार से गोलाबारी और दूर स्थित इलाकों से उठता धुआं भी नजर आ रहा है। हालांकि, प्रसारित दृश्यों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना मैदान पर मौजूदा हालात की पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं है।
अल-मसीरा टीवी ने दिखाए टैंकों और सैन्य वाहनों के दृश्य
अल-मसीरा टीवी के अनुसार, प्रसारित फुटेज लहज में हूती लड़ाकों और सरकारी बलों के बीच जारी संघर्ष से संबंधित हैं। वीडियो में लड़ाकों को सैन्य वाहनों और टैंकों पर सवार होकर फायरिंग करते देखा जा सकता है। कुछ दृश्यों में मोर्टार से हमले के बाद दूर धुआं उठता दिखाई देता है। इन तस्वीरों से इलाके में जारी सैन्य गतिविधियों का संकेत मिलता है, लेकिन वीडियो के आधार पर नुकसान, हताहतों की संख्या या किसी पक्ष के कब्जे में आए क्षेत्र का स्वतंत्र आकलन नहीं किया जा सकता।
2015 से जारी है यमन का संघर्ष
यमन में मौजूदा संघर्ष की जड़ें 2015 तक जाती हैं। उस वर्ष सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया था। इसके बाद हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच लड़ाई लंबे समय तक जारी रही। वर्ष 2022 में युद्धविराम के बाद कुछ समय के लिए अपेक्षाकृत शांति देखने को मिली, लेकिन तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। अब लहज से सामने आई लड़ाई की खबरें क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर रही हैं।
सना हवाई अड्डे की घटना के बाद बढ़ा तनाव
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, जुलाई में हूती विद्रोहियों ने फिर हमले शुरू किए थे। विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सना हवाई अड्डे पर सऊदी बलों ने उस समय गोलीबारी की, जब एक ईरानी विमान उतरने की कोशिश कर रहा था। इस घटना के बाद सऊदी नेतृत्व वाले प्रतिबंधों को लेकर नाराजगी बढ़ने की बात कही गई। इन प्रतिबंधों के कारण हूती-नियंत्रित क्षेत्रों का बाहरी दुनिया से संपर्क सीमित रहा है। हालांकि, इन आरोपों और घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास क्यों बढ़ी चिंता?
हालिया घटनाक्रम में सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमनी सरकारी बलों को हवाई सहायता दे रहा है। सरकारी बल बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास हूती विद्रोहियों के हाल में हासिल किए गए क्षेत्रों को वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। यह जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
वैश्विक व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर नजर
बाब-अल-मंदेब के आसपास किसी भी सैन्य तनाव का असर समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही पर पड़ सकता है। इस क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की स्थिति मजबूत होने से गुजरने वाले जहाजों पर निगरानी और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। यह मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रह सकती है। फिलहाल संघर्ष के विस्तार और समुद्री यातायात पर वास्तविक असर का आकलन विश्वसनीय अपडेट के आधार पर करना जरूरी है।
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