Bharatpur Murder Case : राजस्थान के भरतपुर जिले में रविवार शाम क्रेशर प्लांट और खनन लीज को लेकर चल रहा पुराना विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस घटना में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले वैर के उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान रात करीब 11:30 बजे उनकी मौत हो गई। घटना वैर थाना क्षेत्र के भौंड़ा गांव की बताई जा रही है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं।
क्रेशर प्लांट पर पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 बजे अतर सिंह भड़ाना अपनी पत्नी कमलेश भड़ाना की खनन लीज से जुड़े क्रेशर प्लांट पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और लाठी-पत्थरों से हमला होने लगा। इस संघर्ष में अतर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय प्लांट पर करीब 20 से 25 कर्मचारी मौजूद होने की जानकारी सामने आई है।
पत्नी ने लगाए हमले और गोली लगने के आरोप
अतर सिंह की पत्नी कमलेश भड़ाना ने आरोप लगाया कि उनकी खनन लीज का कनेक्शन काट दिया गया था और वाटर पंप को भी नुकसान पहुंचाया गया था। उनका दावा है कि लीज पर आने वाले लोगों को वहां से भगा दिया जाता था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस और प्रशासन को लगातार सूचना दी गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कमलेश के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच 70 से 80 लोगों ने उनके पति और अन्य लोगों पर हमला किया। उन्होंने अतर सिंह को गोली लगने का दावा भी किया है। हालांकि, डॉक्टर की प्रारंभिक जांच में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई।
चार साल से चल रहा था खनन और रास्ते का विवाद
थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर ग्रामीणों और संचालक पक्ष के बीच लगभग चार वर्षों से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का आरोप था कि चारागाह भूमि पर अतिक्रमण करके अवैध खनन किया गया। खान तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद थे। पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण इस मुद्दे पर करीब दो वर्षों से रुक-रुककर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। पिछले एक साल से क्रेशर बंद था और अतर सिंह उसे दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहे थे।
धरना स्थल से हटाने को लेकर भी विवाद
ग्रामीणों का कहना है कि खान तक जाने का रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले 10 से 15 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा था। उनके आरोप के मुताबिक, रविवार शाम भड़ाना पक्ष के 40 से 50 लोग वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को धरना स्थल से हटा दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और संघर्ष शुरू हो गया। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियां अभी जांच का विषय हैं और दोनों पक्षों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जयपुर अस्पताल में हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी
घटना में घायल अतर सिंह भड़ाना और गगन शर्मा को पहले वैर अस्पताल ले जाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद अतर सिंह को जयपुर और गगन शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया। SMS अस्पताल के थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने अतर सिंह की मौत की पुष्टि की। उनका शव अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। स्थानीय पुलिस और भरतपुर से पहुंची टीम मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, घटना की सूचना मिलने तक किसी पक्ष की ओर से मामला दर्ज नहीं कराया गया था। पुलिस फायरिंग के दावों समेत अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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