Kawardha News : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड स्थित ग्राम पोलमी में 13 अक्टूबर 2026 को एक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता मो. फिरोज खान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने व्याख्याता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन में ग्रामीणों के साथ विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में चक्काजाम किया।
लव जिहाद और धर्मांतरण के आरोपों को लेकर नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने व्याख्याता मो. फिरोज खान पर लव जिहाद, जबरन धर्मांतरण और हिंदू रीति-रिवाजों का अपमान करने जैसे आरोप लगाए। इन आरोपों को लेकर ग्रामीणों और संबंधित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मामले में संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। इसलिए फिलहाल इन दावों को प्रदर्शनकारियों के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में वास्तविक तथ्यों का निर्धारण जांच और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर होगा।
सुबह 10 बजे से जुटे ग्रामीण, किया चक्काजाम
जानकारी के अनुसार, पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे से ग्राम पोलमी में ग्रामीणों का जुटना शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर विरोध दर्ज कराया और चक्काजाम किया। इस दौरान व्याख्याता को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। विरोध प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में गतिविधियां प्रभावित होने की स्थिति बनी। हालांकि, चक्काजाम से यातायात कितनी देर प्रभावित रहा और वाहनों की आवाजाही पर कितना असर पड़ा, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने आरोपों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्याख्याता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में व्याख्याता की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी शामिल रही। मामले को लेकर ग्रामीणों और संगठनों ने प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की। किसी भी आरोप पर कार्रवाई करने से पहले संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी अप्रिय स्थिति को रोकना था। विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से क्या बातचीत की गई और प्रदर्शनकारियों को कोई आश्वासन दिया गया या नहीं, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जांच और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल, व्याख्याता मो. फिरोज खान के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि, पुलिस की जांच और शिक्षा विभाग की ओर से संभावित कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह संबंधित अधिकारियों की जांच और निर्णय पर निर्भर करेगा। आरोपों की निष्पक्ष जांच और सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना जरूरी है, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जा सके।
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