Rahul Gandhi High Tea Meeting : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों और छात्र संगठनों के सदस्यों को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर हाई-टी बैठक के लिए आमंत्रित किया। यह बैठक 5 सुनेहरी बाग रोड पर हो रही है। इसमें कथित ‘वोट चोरी’, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दल इस बैठक के जरिए अपने साझा अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार कर सकते हैं।
हाई-टी बैठक में कई विपक्षी नेता शामिल
राहुल गांधी के आवास पर आयोजित बैठक में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। आमंत्रित नेताओं में सुप्रिया सुले, योगेंद्र यादव, जीतू पटवारी, अमर सिंह, नेहा बोरा, राजीव शुक्ला, पवन खेड़ा, सचिन पायलट, आनंद भदौरिया, गुरजीत औजला, इमरान प्रतापगढ़ी और ज्योतिमणि के नाम शामिल हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी दी गई है। इस जमावड़े को विपक्षी दलों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
पवन खेड़ा बोले—आंदोलन की आगे की रणनीति तय होगी
बैठक से पहले कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि INDIA गठबंधन आंदोलन में साथ है और आगे की रणनीति पर मिलकर विचार किया जाएगा। उनके मुताबिक, बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि आने वाले दिनों में आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने इसे आजादी के आंदोलन से जोड़ते हुए कहा कि विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, ताकि जनता के आक्रोश को गलत दिशा न मिले। खेड़ा के बयान से संकेत मिलता है कि विपक्ष आने वाले दिनों में साझा विरोध कार्यक्रमों को लेकर समन्वय बनाने की कोशिश कर रहा है।
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आ सकता है विपक्ष का रुख
हाई-टी बैठक से पहले विपक्षी दलों के नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी प्रस्तावित है। इसमें कथित वोट चोरी के खिलाफ साझा विरोध प्रदर्शन की आगे की रूपरेखा पर जानकारी दी जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले अंतिम फैसलों और अगले कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के बाद बढ़ी हलचल
इससे पहले सोमवार को विपक्षी दलों ने दिल्ली में ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकाला था। इसमें राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और सुप्रिया सुले सहित कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस से आगे बढ़े, लेकिन भगवान दास रोड पर बैरिकेडिंग के पास उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को न्यायिक मंच पर उठाने का कदम बढ़ाया।
SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दायर की है। याचिका में भारतीय निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही जरूरी है। इन आरोपों और दावों पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचार होना है।
चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की विपक्षी रणनीति
विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसी मुद्दे पर वे चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का अनुरोध किया था, लेकिन मामले के न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण मुलाकात नहीं हुई। अब राहुल गांधी के आवास पर बैठक और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से विपक्ष के अगले कदमों की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
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