Weather Today : देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई का दौर जारी है। इस बीच सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, लेकिन कुछ राज्यों में मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है। 14 अक्टूबर 2026 को लेकर जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों और जिलों में मौसम की स्थिति अलग हो सकती है।
17 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में बारिश और खराब मौसम की आशंका है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का दावा किया गया है। ऐसे मौसम में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर जलभराव जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
दिल्ली में बादल, बारिश और तेज हवाओं की संभावना
राजधानी दिल्ली में 14 अक्टूबर को बारिश और आंधी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, यहां 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम में बदलाव के कारण सुबह और शाम के समय अपेक्षाकृत राहत महसूस हो सकती है। बाहर निकलने से पहले ताजा मौसम अपडेट देखना बेहतर रहेगा।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, देवरिया, आजमगढ़, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, बहराइच, मथुरा, आगरा और कानपुर समेत कई जिलों के लिए बारिश और आंधी की चेतावनी का उल्लेख किया गया है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान दिया गया है। किसानों, दोपहिया वाहन चालकों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।
बिहार में बारिश और आंधी से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
बिहार के नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, दरभंगा, रोहतास, समस्तीपुर, पूर्णिया, किशनगंज, औरंगाबाद, सारण और सुपौल जैसे जिलों में खराब मौसम की आशंका जताई गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कुछ स्थानों पर लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में आंधी-बारिश पर नजर
मध्य प्रदेश के पन्ना, झाबुआ, मुरैना, अलीराजपुर, सीधी, इंदौर, श्योपुर, सतना और देवास में आंधी तथा बारिश की संभावना बताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। भोपाल में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
वहीं, राजस्थान के झुंझुनू, बारां, श्रीगंगानगर, अलवर, टोंक, बीकानेर, उदयपुर और हनुमानगढ़ में बारिश तथा तेज हवाओं को लेकर सतर्कता जरूरी हो सकती है। जयपुर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान दिया गया है। स्थानीय चेतावनियों के अनुसार यात्रा की योजना बनाना उचित होगा।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, चंबा, सिरमौर, सोलन, मंडी, ऊना, बिलासपुर और कुल्लू में खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। उपलब्ध जानकारी में मनाली का अधिकतम तापमान 7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस बताया गया है। इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
उत्तराखंड में ऋषिकेश, बागेश्वर, नैनीताल, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और उधमसिंह नगर के लिए बारिश की आशंका का उल्लेख है। देहरादून में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह माननी चाहिए।
समुद्र में जाने से पहले मछुआरे बरतें सावधानी
तेज हवाओं और संभावित तूफानी परिस्थितियों के दौरान समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है। समुद्र में लहरें ऊंची होने या मौसम अचानक बिगड़ने की स्थिति में जान-माल का खतरा बढ़ सकता है। संबंधित क्षेत्रों में जारी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
मौसम विभाग की ताजा चेतावनी क्यों है जरूरी?
बारिश और हवा की तीव्रता में जिले-दर-जिले बदलाव हो सकता है। इसलिए किसी एक सामान्य पूर्वानुमान को पूरे राज्य पर लागू मानना उचित नहीं है। नागरिकों को IMD के ताजा बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए। तेज आंधी के समय कमजोर ढांचों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका होने पर जोखिम वाले रास्तों से बचें।
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