Ankita Bhandari Murder Case : दिल्ली में उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर विरोध प्रदर्शन हुआ। अंकिता के माता-पिता और विपक्षी नेताओं ने इंडिया गेट पर धरना देकर न्याय की मांग उठाई। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी रातभर मौके पर मौजूद रहे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अलसुबह कार्रवाई करते हुए अंकिता के माता-पिता समेत कई विपक्षी नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
रातभर चला धरना, सुबह पुलिस ने की कार्रवाई
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में उनके माता-पिता के अलावा कांग्रेस के कई नेता और अन्य लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने रातभर धरना देकर अपनी मांगों को सामने रखा। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए हिरासत में लेने की कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों की कुल संख्या और उन्हें कहां ले जाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई थी। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर भी विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं था।
कांग्रेस के कई नेता प्रदर्शन में हुए शामिल
इंडिया गेट पर हुए इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, इमरान प्रतापगढ़ी, जोतिमणि, आर. सुधा, सुप्रिया श्रीनेत, उदय भानु चिब, विनोद जाखड़ और वरुण चौधरी सहित कई नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन में अंकिता के माता-पिता भी शामिल हुए और उन्होंने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों की मांग और उनके विरोध के बीच पुलिस की कार्रवाई ने इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और हिरासत में लिए गए सभी लोगों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
सुप्रिया श्रीनेत ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
पुलिस की कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी बेटी के लिए पिछले चार साल से न्याय की मांग कर रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता के खिलाफ बेरहमी से कार्रवाई की जा रही है। उनके बयान के मुताबिक, परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मुख्य आरोपी को राज्यपाल बनाए जाने की बात सामने आ रही है। सुप्रिया श्रीनेत ने इस पूरे मामले को न्याय की मांग से जोड़ते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए। यह बयान कांग्रेस की ओर से पुलिस कार्रवाई और अंकिता मामले को लेकर उठाए जा रहे सवालों को दर्शाता है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे। पौड़ी गढ़वाल की अदालत ने वर्ष 2025 में पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद मामले से जुड़े विभिन्न सवालों और न्याय की मांग को लेकर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं।
अंकिता के माता-पिता की मांग से फिर गरमाई बहस
इंडिया गेट पर हुए प्रदर्शन और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई ने अंकिता भंडारी मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक ओर परिवार की न्याय की मांग है, तो दूसरी ओर विपक्षी नेता पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, उनकी रिहाई और पुलिस की आगे की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
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