Train Ticket Rules : रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यात्रा बीमा से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय रेलवे को निर्देश दिया है कि रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी ऑनलाइन टिकट बुक करने वालों की तरह ट्रैवल इंश्योरेंस का कवर उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने इस व्यवस्था को 27 अक्टूबर 2026 से लागू करने का निर्देश दिया है। इससे काउंटर टिकट लेने वाले यात्रियों को भी बीमा सुविधा के दायरे में लाने का रास्ता खुलेगा।
27 अक्टूबर से लागू करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि रेलवे को निर्धारित समयसीमा के भीतर आदेश का पालन करना होगा। यदि इसे लागू करने में लापरवाही होती है, तो रेलवे बोर्ड की जिम्मेदारी तय की जाएगी। हालांकि, काउंटर टिकट पर बीमा किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा और इसके लिए यात्रियों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा या नहीं, इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अंतिम नियमों के लिए रेलवे के आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार करना होगा।
बालासोर रेल हादसे से जुड़े मामले में सुनवाई
यह निर्देश रेलवे सुरक्षा से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। सुप्रीम कोर्ट की पीठ में जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन शामिल थे। मामला जून 2023 में ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे के बाद दायर याचिका से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ यात्रा बीमा की उपलब्धता और टिकट खरीदने के अलग-अलग तरीकों के बीच मौजूद अंतर पर भी चर्चा हुई।
ऑनलाइन और काउंटर टिकट के बीच अंतर खत्म करने की पहल
अभी IRCTC के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले पात्र यात्रियों को यात्रा बीमा चुनने का विकल्प मिलता है। इसके विपरीत, रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को समान सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अदालत ने इस अंतर को दूर करने के लिए रेलवे अधिकारियों को पहले भी समय दिया था। व्यवस्था तैयार करने में पर्याप्त प्रगति नहीं होने पर कोर्ट ने काउंटर टिकटों को भी बीमा कवर में शामिल करने का निर्देश दिया।
ऑनलाइन टिकट पर कितना लगता है प्रीमियम?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी 2024 से ऑनलाइन यात्रा बीमा का प्रीमियम टैक्स सहित 45 पैसे प्रति यात्री रहा है। यह सुविधा पात्र यात्रियों के लिए वैकल्पिक होती है। हालांकि, काउंटर टिकटों पर यही प्रीमियम लागू होगा या इसके लिए अलग व्यवस्था बनाई जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए यात्रियों को शुल्क और बीमा चुनने की प्रक्रिया को लेकर रेलवे की आधिकारिक घोषणा पर ध्यान देना चाहिए।
दुर्घटना होने पर कितनी मिलती है बीमा राशि?
मौजूदा ऑनलाइन यात्रा बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 10 लाख रुपये तक का कवर निर्धारित है। स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर 7.5 लाख रुपये, अस्पताल में इलाज के खर्च के लिए 2 लाख रुपये और पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए 10,000 रुपये तक का प्रावधान बताया गया है। वास्तविक भुगतान पॉलिसी की शर्तों और क्लेम की पात्रता पर निर्भर करता है।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर भी अदालत का जोर
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी ध्यान दिया। इनमें पटरियों के आसपास फेंसिंग, फुट ओवरब्रिज और ‘कवच’ सुरक्षा तकनीक जैसे उपाय शामिल हैं। अदालत ने रेलवे से इन व्यवस्थाओं की प्रगति और खर्च का ब्योरा देने को कहा है। अब यात्रियों की नजर 27 अक्टूबर से लागू होने वाली नई व्यवस्था और बीमा संबंधी आधिकारिक नियमों पर रहेगी।
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