Punjab Bandh Today : पंजाब में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया है। सुबह छह बजे से शुरू हुए बंद को कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिरोमणि अकाली दल (SAD), शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), किसान-मजदूर संगठनों, व्यापारिक संघों और स्कूल वैन ऑपरेटर एसोसिएशन सहित कई संगठनों का समर्थन मिला है। बंद के चलते राज्य के कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारियों और संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है।
स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों पर पड़ा असर
बंद के समर्थन में स्कूल वैन ऑपरेटर एसोसिएशन के शामिल होने से शैक्षणिक गतिविधियों पर भी असर देखने को मिल रहा है। मानसा और बठिंडा समेत कई क्षेत्रों में अधिकांश स्कूलों ने गुरुवार को संस्थान बंद रखने की घोषणा की है। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। स्कूलों के बंद रहने और परिवहन सेवाओं में व्यवधान के कारण लोगों को अपने दैनिक कामकाज की योजना बदलनी पड़ रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में बंद का प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों और संगठनों की भागीदारी के आधार पर दिखाई दे रहा है।
बठिंडा में बस सेवाएं प्रभावित, यात्रियों को परेशानी
बठिंडा बस स्टैंड पर निजी बसों का संचालन पूरी तरह बंद बताया गया है। वहीं, पंजाब रोडवेज की कुछ बसें ही सड़कों पर दिखाई दे रही हैं। इससे यात्रियों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज चालकों के अनुसार, रास्ते में प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहनों को रोके जाने की आशंका के कारण बसें चलाने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारी विभिन्न डिपो के गेटों पर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। परिवहन सेवाओं में कमी के कारण काम पर जाने वाले लोगों और अन्य यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जालंधर से अमृतसर तक विरोध प्रदर्शन की तैयारी
राज्य के विभिन्न शहरों में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने धरने तथा विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। जालंधर में शिरोमणि अकाली दल की ओर से सुबह 10 बजे गुरु नानक मिशन चौक पर धरना देने की योजना है। भाजपा ने भी बंद को समर्थन दिया है। अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने गोल्डन गेट पर पंजाब सरकार का पुतला जलाकर विरोध जताने का ऐलान किया है। बटाला में भी किसान-मजदूर संगठनों द्वारा बाजार बंद कराने की खबर है। इन गतिविधियों के कारण कई स्थानों पर व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
जलालाबाद और अबोहर में बाजार बंद रखने का फैसला
जलालाबाद और अबोहर में भी बंद का असर देखने को मिल रहा है। जलालाबाद में बाजार दोपहर एक बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, केमिस्टों की दुकानें सुबह 11 बजे तक बंद रहने के बाद खुलने की जानकारी दी गई है। अबोहर में सुबह 10 बजे बाजार नंबर 12 के मुख्य चौक पर धरना आयोजित करने की घोषणा की गई है। स्थानीय व्यापारियों और संगठनों की भागीदारी से बाजारों में सामान्य कारोबार प्रभावित हुआ है। लोगों को जरूरी सामान खरीदने और दैनिक कार्यों के लिए निकलने से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लेने की जरूरत पड़ रही है।
SGPC ने संस्थान बंद रखने के दिए निर्देश
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कमेटी के कार्यालयों और सभी संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद बंद को धार्मिक संस्थाओं का भी समर्थन मिला है। विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों, व्यापारिक संघों और कर्मचारी संगठनों की भागीदारी के चलते विरोध प्रदर्शन का दायरा बढ़ा है। आयोजकों का कहना है कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है। संगठनों ने मांग की है कि मामले की जांच प्रभावी तरीके से की जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
CBI जांच की मांग, आपातकालीन सेवाओं को छूट
बंद का समर्थन कर रहे विभिन्न संगठनों ने हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले की जांच निष्पक्ष हो और सभी तथ्यों को सामने लाया जाए। दूसरी ओर, राज्यव्यापी बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है। हालांकि, स्कूलों, बाजारों और सार्वजनिक परिवहन पर असर के कारण लोगों को असुविधा हो रही है। बंद का वास्तविक प्रभाव अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है। लोगों को यात्रा करने से पहले बस सेवाओं और स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं की पुष्टि करनी चाहिए।