Governor Appointment Controversy : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और तबादलों के बाद देश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। इन फैसलों को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। ओडिशा के राज्यपाल पद के लिए नामित ब्रज मोहन राम के कथित बयान और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। एक ओर नवीन पटनायक ने ब्रज मोहन राम के बयान पर तंज कसा, वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी ने अंकिता भंडारी मामले में सरकार को घेरा है।
ब्रज मोहन राम के बयान पर क्यों मचा बवाल?
ओडिशा के राज्यपाल पद के लिए नामित ब्रज मोहन राम का एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। वीडियो में वह भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चे से जुड़े अपने अनुभव के बारे में बात करते सुनाई देते हैं। उन्होंने संगठन को सक्रिय करने और बीजेपी के पक्ष में वोट बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख किया। उनके इस बयान को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया कि राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर पहुंचने के बाद निष्पक्षता बनाए रखना कितना जरूरी है।
नवीन पटनायक ने कसा तंज
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक ने ब्रज मोहन राम का वीडियो साझा करते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राज्यपाल पद के लिए नामित व्यक्ति का स्वागत किया, लेकिन साथ ही उनके बयान पर कटाक्ष भी किया। पटनायक ने उम्मीद जताई कि भगवान जगन्नाथ उन्हें ओडिशा की जनता की सेवा करने की शक्ति प्रदान करेंगे। उन्होंने संवैधानिक गरिमा बनाए रखने और निष्पक्ष तरीके से जिम्मेदारियां निभाने की बात कही। उनके संदेश को राज्यपाल की राजनीतिक निष्पक्षता पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है।
ब्रज मोहन राम ने सफाई में क्या कहा?
वीडियो वायरल होने के बाद ब्रज मोहन राम ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका आशय सभी के साथ मिलकर काम करने का था और अब वह दलीय राजनीति से ऊपर उठ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस पार्टी से वह जुड़े रहे हैं, उसके प्रति उनके मन में हमेशा लगाव और प्रेम रहेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी एक राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, वह सभी के हैं और सभी उनके हैं।
दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर अंकिता भंडारी के परिवार का विरोध
सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर भी विवाद जारी है। अंकिता भंडारी के माता-पिता उनकी नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद पर नियुक्त न किया जाए। इस मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन भी किया गया।
राहुल गांधी ने हिरासत की कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता को सुबह करीब चार बजे इंडिया गेट पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते समय हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल किया कि न्याय की मांग कर रहे माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। राहुल ने बताया कि वह और प्रियंका गांधी वाड्रा पहले परिवार से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता के परिवार को न्याय मिलने तक उनके साथ खड़ी रहेगी।
राज्यपालों की नियुक्ति पर बढ़ी सियासी बहस
इन घटनाओं ने राज्यपालों की संवैधानिक भूमिका, निष्पक्षता और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। विपक्ष सरकार से लगातार जवाब मांग रहा है। अब देखना होगा कि इन विवादों पर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है।
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