SIR Voter List : राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च को लेकर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डरा या धमका नहीं सकता। उन्होंने ऐसी कोशिशों को बेकार बताते हुए कहा कि अदालत इन बातों पर ध्यान नहीं देती। CJI के मुताबिक, अदालत को बाहर दिए जाने वाले बयानों और अंदर होने वाली गतिविधियों की जानकारी रहती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका किसी काल्पनिक दुनिया में नहीं बैठी है और उसे परिस्थितियों की पूरी समझ है।
चुनाव आयोग को नोटिस, SIR मामले में मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इन याचिकाकर्ताओं में राहुल गांधी, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी शामिल हैं। अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि इन मामलों पर मुख्य मामले के साथ सुनवाई की जाएगी।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई
दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े कई मामलों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ इन याचिकाओं पर विचार कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 14 नेताओं ने 14 याचिकाएं दाखिल की हैं। इन याचिकाओं में पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की कथित हिरासत और उत्पीड़न जैसे मुद्दे उठाए गए हैं।
इंटरनेट बंद करने और रास्ते रोकने पर भी सवाल
प्रदर्शन से संबंधित याचिकाओं में इंटरनेट सेवाएं बंद करने, रास्तों को बाधित करने और वकीलों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को भी चुनौती दी गई है। पुलिस के खिलाफ अवमानना याचिका पर भी सुनवाई हो रही है। इससे पहले रविवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। इन मामलों में अदालत के सामने प्रशासनिक कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों से जुड़े सवाल रखे गए हैं।
CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश
विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में वकीलों की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कानून लागू करने वाली सभी एजेंसियों को संबंधित घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। याचिकाओं में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों, वकीलों और पत्रकारों की कथित हिरासत तथा उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया है। अदालत इन आरोपों और संबंधित कार्रवाई की जांच के लिए प्रस्तुत सामग्री पर विचार करेगी।
याचिकाकर्ता के आचरण पर भी अदालत ने जताई आपत्ति
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं की ओर से दाखिल याचिका के एक याचिकाकर्ता के आचरण पर भी आपत्ति जताई। अदालत ने कहा कि याचिका पर नोटिस जारी किया जा रहा है, लेकिन संबंधित याचिकाकर्ता के व्यवहार को लेकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इस टिप्पणी से स्पष्ट है कि अदालत मामले की कानूनी दलीलों के साथ याचिकाकर्ताओं के आचरण को भी गंभीरता से देख रही है।
अब आगे की सुनवाई पर टिकी नजरें
राहुल गांधी के मार्च, एसआईआर प्रक्रिया और 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग से जवाब मांगे जाने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश के बाद आगे की सुनवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, याचिकाओं पर अंतिम फैसला और उठाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत की आगे की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।
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