Fatty Liver Diet : आजकल अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से चर्चा में है। इस स्थिति में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में कई लोगों को इसके स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन समय के साथ यह समस्या गंभीर हो सकती है। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखना जरूरी है। कुछ पेय पदार्थ भी स्वस्थ डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।
फैटी लिवर में आंवले का जूस कितना उपयोगी?
आंवले में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। आंवले का जूस संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन इसे फैटी लिवर का निश्चित इलाज या लिवर को डिटॉक्स करने वाला चमत्कारी पेय नहीं समझना चाहिए। इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और बाजार में मिलने वाले ऐसे उत्पादों से बचें, जिनमें अतिरिक्त चीनी मिली हो।
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हो सकते हैं मददगार
ग्रीन टी में कैटेचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इनमें एपिगैलोकैटेचिन गैलेट यानी ईजीसीजी भी शामिल है। इन तत्वों पर लिवर की सेहत और मेटाबॉलिज्म के संदर्भ में शोध किया गया है। हालांकि, ग्रीन टी पीने से फैटी लिवर पूरी तरह ठीक हो जाता है, इसका पर्याप्त प्रमाण नहीं है। बिना चीनी वाली ग्रीन टी सीमित मात्रा में पी जा सकती है। ग्रीन टी के अत्यधिक केंद्रित सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, क्योंकि उनसे लिवर को नुकसान पहुंचने का जोखिम हो सकता है।
नींबू पानी से मिलता है हाइड्रेशन
नींबू पानी शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद कर सकता है और इससे कुछ मात्रा में विटामिन सी भी मिलता है। सुबह गुनगुना नींबू पानी पीना पसंद है, तो इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, यह लिवर से फैट निकालने या शरीर को विशेष रूप से डिटॉक्स करने का प्रमाणित उपाय नहीं है। बेहतर विकल्प के लिए इसमें चीनी न मिलाएं। एसिडिटी या दांतों की संवेदनशीलता की समस्या हो, तो नींबू पानी का सेवन सावधानी से करें।
बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी पर भी ध्यान दें
डॉक्टर शुभम वत्स के बताए विकल्पों में ब्लैक कॉफी भी शामिल है। कॉफी पर हुए कुछ अध्ययनों में इसका सेवन लिवर की सूजन, फाइब्रोसिस और दूसरी पुरानी लिवर समस्याओं के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया है। फिर भी कॉफी फैटी लिवर का अकेले इलाज नहीं है। इसे बिना चीनी के लें और कैफीन की मात्रा का ध्यान रखें। नींद की परेशानी, धड़कन तेज होने या एसिडिटी की समस्या वाले लोग डॉक्टर से सलाह लेकर इसका सेवन करें।
छाछ से पाचन और हाइड्रेशन में मिल सकती है मदद
छाछ शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन में मदद कर सकती है। इसमें भुना जीरा मिलाने से स्वाद बढ़ता है। हालांकि, छाछ के प्रोबायोटिक्स फैटी लिवर को सीधे नियंत्रित करते हैं, इसका ठोस प्रमाण सीमित है। कम नमक वाली छाछ चुनें और अतिरिक्त नमक डालने से बचें।
फैटी लिवर में केवल ड्रिंक्स पर निर्भर न रहें
फैटी लिवर के प्रबंधन में मीठे पेय और अतिरिक्त चीनी कम करना, पौष्टिक भोजन लेना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और जरूरत पड़ने पर वजन घटाना महत्वपूर्ण है। शराब का सेवन लिवर की समस्या बढ़ा सकता है। यदि जांच में फैटी लिवर की पुष्टि हुई है, तो डॉक्टर से नियमित सलाह लें। किसी भी ड्रिंक को दवा या चिकित्सकीय उपचार का विकल्प न बनाएं।
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