Rajnath Singh News : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल से जुड़े कुछ ऐतिहासिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में तीन ऐसे फैसले और घटनाएं हुईं, जिन्हें वह अक्षम्य मानते हैं। उनके बयान में आपातकाल, 1984 के सिख विरोधी दंगे और 1990 में रामभक्त कारसेवकों पर हुई गोलीबारी से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम प्रमुख रहे।
आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र
राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में आपातकाल लागू करना कांग्रेस की बड़ी ऐतिहासिक भूल थी। उन्होंने 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस के संरक्षण में सिख समुदाय के लोगों का नरसंहार हुआ। रक्षा मंत्री ने इन घटनाओं को कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास के गंभीर अध्याय बताते हुए पार्टी की भूमिका पर सवाल उठाए। ये आरोप राजनाथ सिंह ने अपने राजनीतिक बयान के दौरान लगाए।
रामभक्त कारसेवकों की गोलीबारी को लेकर भी साधा निशाना
रक्षा मंत्री ने अपने बयान में वर्ष 1990 में अयोध्या आंदोलन के दौरान रामभक्त कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कारसेवकों पर गोली चलाने वालों का समर्थन करके सरकार को बचाया गया। राजनाथ सिंह ने इन तीनों घटनाओं को कांग्रेस के शासनकाल से जुड़े अक्षम्य अपराध बताते हुए विपक्षी दल की राजनीतिक सोच पर सवाल खड़े किए। उनके इस बयान से कांग्रेस और भाजपा के बीच ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज होने की संभावना है।
विपक्ष पर युवाओं को राजनीतिक मोहरा बनाने का आरोप
राजनाथ सिंह ने दिल्ली में चल रहे हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता युवाओं को राजनीतिक गतिविधियों में मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। रक्षा मंत्री के मुताबिक, विपक्ष के कुछ नेता सार्वजनिक रूप से ‘रिजिम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं और बांग्लादेश के घटनाक्रम से प्रेरणा लेने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार या विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है, तो सत्ता परिवर्तन की भाषा क्यों इस्तेमाल की जा रही है।
SIR और चुनाव सुधार की राजनीति पर उठाए सवाल
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष की गतिविधियों का उद्देश्य केवल चुनाव सुधार नहीं, बल्कि देश में तनाव और अस्थिरता पैदा करना है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, लेकिन उसके नाम पर माहौल बिगाड़ना उचित नहीं है। राजनाथ सिंह ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उसकी राजनीति देश में टकराव बढ़ाने की दिशा में जा रही है। हालांकि, ये टिप्पणियां रक्षा मंत्री के राजनीतिक आरोप हैं और विपक्ष का पक्ष अलग हो सकता है।
राहुल गांधी को आत्ममंथन करने की सलाह
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर व्यवधान पैदा करने वाली राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को जनमत का सम्मान करने और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्ममंथन करने की सलाह दी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के भविष्य की जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों की है और किसी भी दल को देश की विकास यात्रा में बाधा डालने का अधिकार नहीं है।
संवैधानिक संस्थाओं और कानून के सम्मान पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाना या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर चोट करना उचित नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर बहस तेज हो सकती है।
Read More : Sonam Wangchuk Ladakh News: केंद्र के प्रस्ताव से असंतुष्ट नेता, राज्य का दर्जा प्रमुख मांग