Central Park Closure : दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) की ओर से घोषित तिरंगा प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कारोबारियों के संभावित नुकसान का मुद्दा उठा। अदालत से इस मामले में तत्काल निर्देश जारी करने की मांग की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ऐसा करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सभी पक्षों को समझदारी से काम लेना चाहिए। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि कारोबारियों को नुकसान होता है, तो परिस्थितियों के अनुसार उसके अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कारोबारियों की आजीविका पर चिंता
मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले संभावित असर की ओर अदालत का ध्यान दिलाया। उन्होंने आशंका जताई कि प्रदर्शन के मद्देनजर सार्वजनिक स्थानों और आवाजाही पर पाबंदियां लगने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने छोटी दुकानों से जुड़े लोगों की आजीविका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवधान का असर केवल दुकानदार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके पूरे परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
जस्टिस बागची की टिप्पणी: सभी पक्षों के हित जुड़े
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने प्रदर्शन, रोजमर्रा के कारोबार और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने टिप्पणी की कि कोई व्यक्ति विरोध करना चाहता है, कोई मूंगफली बेचकर आजीविका चलाना चाहता है और प्रशासन की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। ये सभी पहलू एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अदालत की टिप्पणी से स्पष्ट हुआ कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम लोगों और छोटे कारोबारियों के हितों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कारोबार को नुकसान हुआ तो कोर्ट कर सकता है हस्तक्षेप
अदालत ने कहा कि यदि कारोबारियों को नुकसान पहुंचता है, तो वह उचित समय पर अपने अधिकार क्षेत्र के तहत उपलब्ध शक्तियों पर विचार कर सकती है। जस्टिस बागची ने संकेत दिया कि यदि प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम अनुपातहीन पाए जाते हैं, तो सार्वजनिक कानून और मुआवजे से जुड़े अधिकारों के तहत न्यायिक हस्तक्षेप संभव हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया कि प्रशासन की कार्रवाई अनुचित है या कारोबारियों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। इस विषय पर आगे की सुनवाई में विचार किया जा सकता है।
NDMC के सेंट्रल पार्क बंद करने का मुद्दा
अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने अदालत को बताया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने देर रात कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को बंद करने का फैसला लिया। उनके अनुसार, इस कदम से आसपास की व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। सार्वजनिक स्थानों को बंद करने और लोगों की आवाजाही प्रभावित होने से दुकानों, छोटे व्यापारियों तथा अन्य कारोबारियों की आमदनी पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इस आशंका के वास्तविक असर का आकलन आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन की याचिका
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने सड़कों और मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। व्यापारियों की चिंता है कि प्रदर्शन के दौरान आवाजाही बाधित होने और सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंधों से व्यापार प्रभावित हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल तिरंगा प्रदर्शन को लेकर तत्काल निर्देश जारी नहीं किए हैं। मामले को 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अब आगे की सुनवाई में कारोबारियों की चिंताओं और प्रशासनिक कदमों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।
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