Vijayadashami Mahotsav 2026 : सरगुजा सेवा समिति, नागरिक समिति और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विजयादशमी महोत्सव 2026 के अंतर्गत श्री रामचरितमानस गायन प्रतियोगिता का दूसरा दिन भक्ति, संगीत और रोमांच से सराबोर रहा। 14 अक्टूबर को स्थानीय कलाकेंद्र मैदान में आयोजित पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता में मानस मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामचरितमानस के प्रसंगों की संगीतमय प्रस्तुतियों ने भक्तिमय वातावरण बनाए रखा।
एक अंक के अंतर से हुआ विजेता का फैसला
पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता में प्रथम और द्वितीय स्थान के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला। श्री कृष्णा मानस मंडली, कलुवा (कृष्णपुर) ने 100 में से 86 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं जय श्री राम मानस परिवार, करवां को 85 अंक मिले और मंडली दूसरे स्थान पर रही। दोनों टीमों के बीच केवल एक अंक का अंतर रहा, जिसने प्रतियोगिता के परिणाम को खास बना दिया।
विजेता मंडलियों को नकद पुरस्कार देकर किया सम्मानित
प्रथम स्थान हासिल करने वाली श्री कृष्णा मानस मंडली, कलुवा को 11,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार माता राजरानी हॉस्पिटल के नरेन्द्र सिंह टुटेजा के सौजन्य से दिया गया। दूसरे स्थान पर रही जय श्री राम मानस परिवार, करवां को 7,100 रुपये मिले। वहीं मानस मंडली, भिट्ठी कला ने 80 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया और 5,100 रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया।
महिला वर्ग में प्रज्ञा मानस परिवार रहा प्रथम
महोत्सव के पहले दिन आयोजित महिला वर्ग की मानस प्रतियोगिता में प्रज्ञा मानस परिवार, अंजोरखुर्द ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। मंडली को 11,000 रुपये का नकद पुरस्कार महापौर मंजूषा भगत के सौजन्य से प्रदान किया गया। दो दिवसीय प्रतियोगिता में महिला और पुरुष वर्ग की मंडलियों ने रामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों को संगीत और भावपूर्ण गायन के माध्यम से प्रस्तुत किया।
12 मानस मंडलियों ने दी भक्तिमय प्रस्तुतियां
प्रतियोगिता में अंचल की कुल 12 मानस मंडलियों ने भाग लिया। इनमें मानस मंडली भिट्ठी कला, संगम मानस मंडली सपकरा, शिव शिष्य मानस मंडली गोंदा, श्री कृष्णा मानस मंडली कलुवा (कृष्णपुर), मानस मंडली परिवार डूमरिया, प्रगति मानस मंडली रनई कोरिया, जय श्री राम मानस परिवार करवां, गीता मानस मंडली धरतीपारा, बालेश्वर शिव मानस मंडली नर्मदापारा, नवदुर्गा मानस मंडली गणेशपुर, प्रज्ञा मानस परिवार अंजोरखुर्द और तुलसी मानस परिवार करोंदामुड़ा शामिल रहीं। सभी प्रतिभागी मंडलियों को डॉ. सुधांशु किरण (महावीर हॉस्पिटल) के सौजन्य से स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
निर्णायकों और रामकथा के नियमित श्रोताओं का सम्मान
प्रतियोगिता के दोनों दिनों में गायन, प्रश्नोत्तरी, दोहे, छंद, भाव, प्रस्तुतीकरण, संगीत और लयबद्धता के आधार पर मंडलियों का मूल्यांकन किया गया। मुख्य निर्णायक आचार्य दिनेश मिश्र कृष्णा के साथ कमल पटेल और पूर्णिमा पटेल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। समिति ने तीनों निर्णायकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। रामकथा का लगातार श्रवण करने वाले कमलेश्वर शरण सिंह गोंदा, भास्कर सिंह और भरत सिंह को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
रामचरितमानस जीवन में शांति और सदाचार की प्रेरणा: रजनी त्रिपाठी
सरगुजा सेवा समिति की अध्यक्ष रजनी रविशंकर त्रिपाठी ने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की कठिनाइयों और पारिवारिक समस्याओं से निपटने की प्रेरणा देने वाला मार्गदर्शक है। उनके अनुसार, मानस की चौपाइयों का श्रवण मन को शांति प्रदान करता है और व्यक्ति में धैर्य, सेवा, समर्पण तथा सकारात्मकता के भाव विकसित करता है। रामकथा के आदर्शों को अपनाकर परिवारों में सद्भाव और संस्कारों को मजबूत किया जा सकता है।
सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों पर दिया जोर
समिति के उपाध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में रामचरितमानस मानसिक संबल और आत्मिक शांति का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसमें वर्णित भ्रातृत्व, माता-पिता की सेवा और त्याग के आदर्श परिवारों को एकजुट रखने में सहायक हैं। नागरिक समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने भी कहा कि मानस का नियमित श्रवण कर्तव्यबोध, सदाचार और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करता है।
समिति के महासचिव मधुसूदन शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों और विजेता मंडलियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं समाज में नैतिक मूल्यों और कर्तव्य के प्रति जागरूकता बढ़ाती हैं। कार्यक्रम को भारत सिंह सिसोदिया, त्रिलोक कपूर कुशवाहा और ललन सिंह ने भी संबोधित किया।
16 अक्टूबर को होगी शैला और सुगा लोक नृत्य प्रतियोगिता
समिति के प्रचार-प्रसार प्रमुख एवं मीडिया प्रभारी पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि विजयादशमी महोत्सव की अगली कड़ी में 16 अक्टूबर 2026 को कलाकेंद्र मैदान में संभाग स्तरीय पारंपरिक शैला और सुगा लोक नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। उन्होंने नागरिकों, युवाओं, कला प्रेमियों और मातृशक्ति से सपरिवार शामिल होकर लोक कलाकारों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से
आलोक दुबे, विद्यानन्द मिश्र, राजीव विश्वकर्मा, राजेश कश्यप, दीपक सोनी, अंबिकेश केसरी, श्रीमती अरुणा सिंह, राजकुमार बंसल, अविनाश मंडल, श्याम कश्यप बेचैन, राहुल त्रिपाठी, दुर्गेश गुप्ता, श्रीमती देवकी त्रिपाठी, श्रीमती किरण मिश्रा, श्रीमती शकुंतला पाण्डेय, श्वेता गुप्ता, दीपक सिंह तोमर, आकाश गुप्ता, मधु चौदहा, अनुराग शुक्ला, जन्मेजय पाण्डेय, संतोष दास, रूपेश दुबे, धनञ्जय मिश्रा, कमलेश तिवारी, दिवाकर शर्मा, अमन गुप्ता, श्रीमती माया मिश्रा, सर्वेश तिवारी, संजीव वर्मा, शानू कश्यप, मनोज सोनी, मयंक जायसवाल, अजय सोनी, श्रीमती शालिनी सिंह, अमोघ कश्यप, हैप्पी सिंह, सतीश शर्मा, कृष्णानंद तिवारी, श्रीमती अर्चना सिंह, रविकांत उरांव, मनोज गुप्ता, सुश्री सृष्टि सिंह, प्रिया सिंह, बबलू गुप्ता, राहुल सोनी, रोहन मंडल सहित बड़ी संख्या में मानस प्रेमी एवं धर्मानुरागी जन उपस्थित थे।
दो दिवसीय मानस गायन प्रतियोगिता के प्रभारी प्रयाग राज साहू और महेन्द्र अग्रवाल ने आयोजन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र सिंह टुटेजा और वीर सोनी ने किया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, मानस प्रेमियों और बड़ी संख्या में धर्मानुरागी नागरिकों की उपस्थिति रही।
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