Pawan Khera News : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने AISF की नेहा बोरा के बयान का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है। शुक्रवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान खेड़ा ने कहा कि नेहा बोरा ने कुछ कहा तो बीजेपी ने इस मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी खुले तौर पर यह बात कहती रही है कि वह मौजूदा सरकार को चुनाव के जरिए हराना और व्यवस्था में बदलाव लाना चाहती है। ऐसे में सत्ता परिवर्तन की बात पर विपक्ष को घेरना लोकतांत्रिक राजनीति की भावना के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सामने आने की जरूरत क्यों पड़ी।
सत्ता परिवर्तन की बात को बताया लोकतांत्रिक अधिकार
पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्षी दलों का उद्देश्य चुनाव के माध्यम से सरकार बदलना होता है और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को सरकार की नीतियों का विरोध करने और सत्ता परिवर्तन की मांग करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्ष की ऐसी राजनीतिक बातों पर भी विवाद खड़ा कर रही है। खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस अपनी विचारधारा और राजनीतिक लक्ष्य को लेकर स्पष्ट है और वह व्यवस्था में बदलाव की मांग करती रहेगी।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर उठाए सवाल
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल करता है, तो बीजेपी के नेता ज्ञानेश कुमार के बचाव में सामने आ जाते हैं। खेड़ा ने पूछा कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर इतनी आपत्ति क्यों है। उन्होंने कहा कि नेताओं और संस्थाओं से सवाल पूछे जाने पर संबंधित पक्ष को जवाब देना चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों को निशाना बनाना चाहिए।
RSS के प्रभाव और मौजूदा व्यवस्था पर निशाना
खेड़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में संघ की विचारधारा का प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने इसे वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस व्यवस्था में बदलाव की मांग करती रहेगी। अपने बयान में उन्होंने एक गैर-पंजीकृत संगठन के पूरे सिस्टम पर प्रभाव रखने का आरोप भी लगाया। खेड़ा ने कहा कि विपक्ष से सरकार के सामने झुकने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी और अपने विचारों को खुलकर जनता के सामने रखेगी।
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान का किया जिक्र
पवन खेड़ा ने कांग्रेस के ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रही है। उनके मुताबिक, विपक्ष का उद्देश्य इन सवालों को जनता तक पहुंचाना और सरकार से जवाब मांगना है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस अभियान के जरिए चुनावी व्यवस्था को लेकर अपनी चिंताएं सामने रख रही है। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जानी चाहिए।
राजनाथ सिंह और अनुराग ठाकुर पर भी साधा निशाना
खेड़ा ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठने के बाद बीजेपी के नेता उनके समर्थन में सामने आ जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2013 के राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बीजेपी सत्ता और व्यवस्था में बदलाव की बात का समर्थन करती थी। उन्होंने बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर पर भी तंज कसा। कांग्रेस नेता के इन बयानों से SIR, चुनाव आयोग और सत्ता परिवर्तन को लेकर बीजेपी तथा कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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