BJP SIR Campaign : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल इस मुद्दे पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जैसे समूह भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अब उन्हें जवाब देने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी में है।
सांसदों और विधायकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
बीजेपी की योजना इस अभियान को देशभर में समन्वित तरीके से चलाने की है। इसके तहत पार्टी सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनता के बीच जाकर पार्टी का पक्ष रखने की जिम्मेदारी दी जा रही है। अभियान की शुरुआत 16 अक्टूबर से होने की जानकारी सामने आई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर निशाना साधा। पार्टी का प्रयास है कि SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब सीधे जनता तक पहुंचाया जाए।
एसआईआर पर 24 पन्नों का डोजियर तैयार कर रही बीजेपी
बीजेपी के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक, पार्टी विपक्ष के आरोपों और सवालों का जवाब देने के लिए 24 पन्नों का विस्तृत डोजियर तैयार कर रही है। इसमें मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष शामिल किए जाने की तैयारी है। इस दस्तावेज का इस्तेमाल पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए संदर्भ सामग्री के रूप में किया जाएगा। हालांकि, डोजियर की पूरी विषयवस्तु और अभियान की औपचारिक शुरुआत की तारीख को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
सोशल मीडिया और जनसंपर्क के जरिए जनता तक पहुंचेगी पार्टी
बीजेपी इस अभियान को केवल सभाओं और प्रत्यक्ष जनसंपर्क तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए भी अपने तर्क जनता के सामने रखेगी। इसके लिए संगठन के विभिन्न स्तरों पर मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों को जोड़ने की योजना है। सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा कर अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा सकता है।
कांग्रेस के शासनकाल के मामलों को भी उठाएगी बीजेपी
विपक्ष के मौजूदा आरोपों का जवाब देने के साथ बीजेपी कांग्रेस के शासनकाल के दौरान चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों को भी सामने लाने की तैयारी कर रही है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए संस्थाओं का दुरुपयोग किया था। बीजेपी इन उदाहरणों के माध्यम से कांग्रेस के वर्तमान आरोपों पर सवाल उठाना चाहती है। हालांकि, यह बीजेपी का राजनीतिक दावा है और अभियान में किन घटनाओं या दस्तावेजों का उल्लेख होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर जारी है सियासी टकराव
SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर बीजेपी तथा कांग्रेस के बीच बहस जारी है। कांग्रेस इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठा रही है, जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में जुटी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी का प्रस्तावित अभियान किस रूप में आगे बढ़ता है और 24 पन्नों के डोजियर में किन तथ्यों को प्रमुखता दी जाती है।
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