CJP Protest : दिल्ली में ककरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘तिरंगा उड़ाओ’ कार्यक्रम से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सरकारी प्रतिबंध के बीच शुक्रवार शाम को होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के घर दिल्ली पुलिस पहुंची। पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की हिदायत देते हुए नोटिस दिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दीपके को हिरासत में नहीं लिया गया।
नोटिस मिलने पर दीपके ने उठाए सवाल
दीपके के घर पुलिस पहुंचने की तस्वीरें और एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में सीजेपी संस्थापक पीले रंग के सोफे पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके कंधे पर तिरंगा रखा हुआ है। सामने बैठे पुलिसकर्मी के हाथ में कुछ कागजात नजर आते हैं। इसी दौरान दीपके पुलिस से सवाल करते सुनाई देते हैं कि उनके खिलाफ आखिर कौन-सी शिकायत दर्ज की गई है।
सोशल मीडिया पर उकसाने का लगाया गया आरोप
मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस की ओर से दिए गए नोटिस में कई आरोपों का उल्लेख किया गया है। इनमें एक आरोप यह भी बताया गया कि दीपके सोशल मीडिया के माध्यम से आम लोगों को कथित रूप से उकसा रहे हैं, जो गैरकानूनी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती है।
‘मुझे फांसी पर लटका दीजिए’, दीपके की प्रतिक्रिया
नोटिस पर आपत्ति जताते हुए दीपके ने पुलिस की कार्रवाई और आरोपों पर सवाल खड़े किए। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है कि ये कैसे अजीब आरोप हैं और क्या इसे नोटिस कहा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी मर्जी से कुछ भी लिखकर ले आई है। नाराजगी जताते हुए दीपके ने यह भी कहा, “ये सब करने के बजाय आप मुझे फांसी पर लटका दीजिए।” वीडियो में पुलिसकर्मी उनकी इस टिप्पणी का सीधा जवाब देते नजर नहीं आते।
दो नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कार्यक्रम
सीजेपी ने अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को जेल में रखे जाने के विरोध में ‘तिरंगा उड़ाओ’ कार्यक्रम का आह्वान किया है। पार्टी इस आयोजन के जरिए अपनी मांगों और विरोध को सामने रखना चाहती है। हालांकि, प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के बीच कार्यक्रम को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। दीपके को पहले ही आशंका थी कि प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है। फिलहाल, उनके खिलाफ हिरासत की कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए राजधानी में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। खबर के मुताबिक, दिल्ली में पहले से लगभग 26 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात थे। शुक्रवार के कार्यक्रम के मद्देनजर करीब छह हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। इस तरह सुरक्षा बलों की कुल संख्या लगभग 32 हजार बताई जा रही है।
अब आगे क्या होगा?
दीपके ने सुबह दावा किया था कि खुफिया एजेंसियां उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और उन्हें भी जेल भेजे जाने की आशंका है। इसके बाद उनके घर पहुंचकर नोटिस दिए जाने की घटना सामने आई। अब सवाल है कि प्रतिबंध के बावजूद सीजेपी का कार्यक्रम किस रूप में आगे बढ़ेगा और पुलिस क्या कदम उठाएगी। इस मामले में प्रशासन तथा पार्टी की आगे की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।