Surajpur News : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में चोरी के आरोप को लेकर ग्रामीणों द्वारा कानून हाथ में लेने का मामला सामने आया है। रामानुजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम आमगांव में दो लोगों को पानी का पंप चोरी करने के संदेह में पकड़ लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने कथित तौर पर दोनों के गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाई और पूरे गांव में घुमाया। घटना 15 अक्टूबर की दोपहर की बताई जा रही है।
ग्राम पंचायत का पंप चोरी होने का आरोप
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत आमगांव से पानी का एक पंप चोरी होने की बात सामने आई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि चोरी किए गए पंप को केवल एक हजार रुपये में बेच दिया गया। इस मामले में ग्राम पंचायत कोट के रहने वाले दो व्यक्तियों पर चोरी में शामिल होने का संदेह जताया गया। हालांकि, चोरी के आरोप और पंप बेचने से संबंधित दावों की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में घुमाया
बताया जा रहा है कि 15 अक्टूबर की दोपहर ग्रामीणों को पंप चोरी की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। इसके बाद उनके गले में जूते-चप्पलों की माला डालकर पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान दोनों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने का भी आरोप है। ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर छड़ी से पिटाई करने और गाली-गलौज करने की बात भी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घटना का वीडियो
घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। वीडियो में ग्रामीण दोनों व्यक्तियों से कथित पंप चोरी को लेकर सवाल करते दिखाई देते हैं। एक व्यक्ति के कंधे पर पंप रखा नजर आता है, जबकि ग्रामीण उससे पूछते हैं कि पंप कितने रुपये में बेचा गया।
वीडियो में दोनों व्यक्तियों से पूछताछ करते दिखे ग्रामीण
प्रसारित वीडियो में ग्रामीण दोनों व्यक्तियों से उनके नाम पूछते और चोरी के आरोपों को लेकर सवाल करते दिखाई देते हैं। वीडियो में एक व्यक्ति अपने पांच बच्चे होने की बात कहता नजर आता है। इसी दौरान दोनों के साथ कथित मारपीट और अपमानजनक व्यवहार के दृश्य भी दिखाई देने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, वीडियो के आधार पर घटना के सभी पहलुओं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
एक महीने में दूसरी ऐसी घटना, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
इस मामले ने इलाके में कानून व्यवस्था और भीड़ द्वारा सजा देने की प्रवृत्ति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सूरजपुर जिले में एक महीने के भीतर चोरी के आरोप में जूते-चप्पलों की माला पहनाकर घुमाने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब जांच के जरिए चोरी के आरोप, कथित मारपीट और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
कानून हाथ में लेने पर उठे सवाल
चोरी का संदेह होने पर भी किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या उसके साथ मारपीट करना उचित नहीं है। अपराध से जुड़े आरोपों की जांच करना पुलिस और कानूनी व्यवस्था का काम है। इस घटना में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर क्षेत्र के लोगों की नजर बनी हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
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