CG Electricity Project : छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से विकास की एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम बोरानिरपी में दशकों के इंतजार के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत ओरछा विकासखंड के इस दूरस्थ गांव का विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है। बिजली पहुंचने से गांव के सभी 11 परिवारों को रोशनी की सुविधा मिली है।
जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर है गांव
बोरानिरपी गांव नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है। अबूझमाड़ के इस इलाके में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के कारण बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहा है। लंबे समय से बिजली की सुविधा से वंचित ग्रामीणों के लिए यह उपलब्धि उनके दैनिक जीवन में बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नियद नेल्लानार योजना से पूरा हुआ विद्युतीकरण
छत्तीसगढ़ शासन की नियद नेल्लानार योजना का उद्देश्य दूरस्थ और सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों तक बुनियादी सेवाएं पहुंचाना है। इसी पहल के तहत बोरानिरपी में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया गया। गांव में विद्युतीकरण होने से अब ग्रामीणों को अंधेरे में जीवन बिताने की मजबूरी से राहत मिलेगी। यह पहल दुर्गम इलाकों में विकास सुविधाओं का विस्तार करने के प्रयासों को भी दर्शाती है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन में बिजली विभाग ने किया काम
कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के नारायणपुर संभाग की टीम ने बिजली लाइन का विस्तार किया। टीम को घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच काम करना पड़ा। इन चुनौतियों के बावजूद गांव तक बिजली पहुंचाने का कार्य पूरा किया गया। इससे लंबे समय से विद्युत सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए खुलेंगे नए अवसर
गांव में बिजली पहुंचने का सबसे बड़ा लाभ बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने की उम्मीद है। अब तक रात में पढ़ाई करने के लिए बच्चों को लालटेन और ढिबरी जैसे पारंपरिक प्रकाश साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। बिजली की सुविधा मिलने के बाद वे रात में भी बेहतर रोशनी में पढ़ सकेंगे। इससे उनकी पढ़ाई के लिए सुविधाजनक वातावरण तैयार होने की संभावना है।
मोबाइल चार्जिंग और घरेलू सुविधाओं में होगा सुधार
विद्युतीकरण के बाद ग्रामीण अब मोबाइल फोन चार्ज करने, पंखे चलाने और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग करने में सक्षम हो सकेंगे। बिजली की उपलब्धता से रोजमर्रा के काम आसान होने की उम्मीद है। इसके साथ ही ग्रामीणों को बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध विद्युत आपूर्ति और उपकरणों के उपयोग पर निर्भर करेगा।
पेयजल और आजीविका के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा
गांव में बिजली पहुंचने से भविष्य में पेयजल आपूर्ति, संचार सुविधाओं और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। विद्युत सुविधा स्थानीय स्तर पर बुनियादी सेवाओं के विस्तार में सहायक बन सकती है। बोरानिरपी का विद्युतीकरण अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्यों के महत्व को रेखांकित करता है।
11 परिवारों के जीवन में आया बदलाव
दशकों के इंतजार के बाद बोरानिरपी के सभी 11 परिवारों तक बिजली पहुंचना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नियद नेल्लानार योजना के तहत पूरा हुआ यह कार्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि बिजली के साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विस्तार होगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
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