Nava Raipur Industry : छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने की दिशा में नवा रायपुर में नई परियोजना शुरू होने जा रही है। यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित औद्योगिक इकाई में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। परियोजना से साढ़े तीन हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को इस इकाई का भूमिपूजन किया। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने पर जोर
भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे उद्योगों को प्राथमिकता दे रही है, जिनमें अधिक लोगों को काम मिल सके। उनका कहना था कि निवेश का लाभ स्थानीय युवाओं और महिलाओं तक पहुंचना चाहिए, ताकि उन्हें अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिलें। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। सरकार का जोर उद्योगों की स्थापना के साथ रोजगार सृजन को जोड़ने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने पर है।
औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 से निवेश को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 के तहत रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव हासिल करना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर उत्पादन और रोजगार के वास्तविक अवसर पैदा करना है। राज्य सरकार के मुताबिक, उद्योगों के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम हो सकती है।
आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति को देश और विदेश के निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ को साढ़े आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब सरकार इन प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और उत्पादन शुरू कराने पर ध्यान दे रही है। यश ग्रुप की प्रस्तावित इकाई में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इससे विनिर्माण क्षेत्र में राज्य की भूमिका बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान बनाने की पहल
राज्य सरकार उद्योगों के लिए कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, जन विश्वास से जुड़े सुधारों के तहत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य अनावश्यक कानूनी जटिलताओं को कम करना और उद्योगों के संचालन को अधिक सुगम बनाना है। सरकार का मानना है कि बेहतर कारोबारी माहौल से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और नई औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिलेगी।
सब्सिडी का बजट बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में निवेश के साथ रोजगार सृजन को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने बताया कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी का बजटीय प्रावधान 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा जैसे श्रम आधारित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित होने का दावा
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में छोटे-बड़े तीन हजार से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि, इन लक्ष्यों की वास्तविक उपलब्धि परियोजनाओं के समय पर पूरा होने, उत्पादन शुरू होने और भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
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