Ambikapur News : विजयादशमी महोत्सव 2026 के अंतर्गत अम्बिकापुर के कलाकेंद्र मैदान में संभाग स्तरीय करमा, शैला एवं सुगा लोक नृत्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। सरगुजा सेवा समिति, नागरिक समिति और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की रंग-बिरंगी वेशभूषा, लयबद्ध नृत्य और उत्साह ने दर्शकों का मन मोह लिया।
करमा और शैला नृत्य में रामदल भकुरा प्रथम
प्रतियोगिता के करमा एवं शैला वर्ग में रामदल, भकुरा ने 200 में से 185 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। महादेव शैला ग्रुप, नर्मदापारा 181 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि आदिवासी कर्मा, पिपरखार ने 178 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन दलों की प्रस्तुतियों में पारंपरिक लोक संस्कृति और क्षेत्रीय परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली।

सुगा लोक नृत्य में मनियारो सुगा ने जीता खिताब
सुगा लोक नृत्य प्रतियोगिता में मनियारो सुगा दल ने 159 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पार्वती सुगा, कंठी 154 अंकों के साथ दूसरे और विश्वास सुगा, नर्मदापुर 140 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। सभी प्रतिभागी दलों ने अपनी विशिष्ट नृत्य शैली और पारंपरिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बनाया।
25 लोक नृत्य दलों ने दिखाया हुनर
संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 25 लोक नृत्य दलों ने हिस्सा लिया। इनमें करमा एवं शैला वर्ग के 13 और सुगा वर्ग के 12 दल शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने नृत्य की लय, पारंपरिक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुति, लोक परंपराओं के चित्रण और अनुशासन के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। निष्पक्ष निर्णय के लिए श्रीमती रितुदास, बुद्धश्याम, रंजीत सारथी और विनय अम्बष्ठ निर्णायक मंडल में शामिल रहे।

टीएस सिंहदेव ने बताया लोक कलाओं का महत्व
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि करमा, शैला और सुगा जैसे पारंपरिक नृत्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के प्रति प्रेम के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर
सरगुजा सेवा समिति की अध्यक्ष रजनी रविशंकर त्रिपाठी ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और लोक कलाओं का संरक्षण करना है। नागरिक समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूती मिलती है। अन्य अतिथियों ने भी लोक कलाकारों की सराहना की।

जनप्रतिनिधियों और कलाप्रेमियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज, जिला पंचायत अध्यक्ष निरुपा सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नरेंद्र सिंह टुटेजा ने किया, जबकि राहुल त्रिपाठी ने आभार व्यक्त किया। आयोजन की जानकारी प्रचार-प्रसार प्रमुख एवं मीडिया प्रभारी पीयूष कुमार त्रिपाठी ने दी। महोत्सव ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण का संदेश दिया।
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