Vijay Sharma Statement : छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारी-कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी है। लोहारा में एसडीएम कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व संबंधी काम कराने के लिए किसानों से पैसे मांगने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने मंच से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संदेश दिया। उनके इस बयान के बाद सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और रिश्वतखोरी के मामलों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
किसानों से काम के बदले पैसे मांगने पर होगी कार्रवाई
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किसानों को अपने वैध सरकारी काम कराने के लिए किसी अधिकारी या कर्मचारी को रिश्वत देने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी काम करने के बदले पैसे की मांग करता है, तो किसान इसकी शिकायत सीधे संबंधित स्तर पर कर सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना था कि सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनसे अनुचित तरीके से पैसे वसूलना। उन्होंने किसानों से बिना डर अपनी शिकायत सामने रखने की अपील की।
धान खरीदी से जुड़े मामले में पटवारी पर हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला लोहारा में धान खरीदी से संबंधित शिकायत के बाद चर्चा में आया। किसानों ने अपनी समस्याएं उप मुख्यमंत्री के सामने रखीं, जिसके बाद विजय शर्मा ने उनसे सीधे बातचीत कर मामले की जानकारी ली। शिकायत के आधार पर संबंधित पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। इस कदम के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर मामला चर्चा में आ गया। किसानों की शिकायत पर कार्रवाई को सरकार के भ्रष्टाचार विरोधी रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, संबंधित प्रकरण में अंतिम निष्कर्ष और आगे की विभागीय कार्रवाई की जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पटवारी संघ ने निलंबन पर उठाए सवाल
पटवारी के निलंबन के बाद पटवारी संघ के प्रतिनिधियों ने भी उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात की और कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान विजय शर्मा ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि कोई पटवारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करता या किसानों से काम के बदले पैसे मांगता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके बयान का संदेश साफ था कि सरकारी पद पर रहते हुए जिम्मेदारियों की अनदेखी या रिश्वतखोरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस घटनाक्रम ने किसानों की शिकायतों पर प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा फिर सामने ला दिया है।
छत्तीसगढ़ी में दी चेतावनी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी भाषा में भी भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “एको दिन गड़बड़ पकड़ाही ता मुरकीटा जाबे।” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय भाषा में दिए गए इस संदेश को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। बयान के बाद सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली और किसानों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।
किसानों से शिकायत करने की अपील
विजय शर्मा ने किसानों से कहा कि सरकारी काम कराने के लिए किसी को चुपचाप पैसे देने की जरूरत नहीं है। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अनुचित रकम मांगता है, तो उसकी जानकारी उन्हें दी जा सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भ्रष्टाचार के मामलों में शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस चेतावनी के बाद कितनी शिकायतें सामने आती हैं और प्रशासन उनके आधार पर क्या कदम उठाता है।
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