Kolkata Durga Puja Pandal Accident : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शनिवार शाम महा सप्तमी के अवसर पर पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने और बारिश के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। इस घटना में 19 लोगों की मौत होने और 24 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के बाद पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें पूजा आयोजन समिति के कुछ सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं।
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। जांच में यह समझने की कोशिश हो रही है कि पंडाल में भीड़ अचानक कैसे बढ़ी और उसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में जवाबदेही तय करने के लिए आयोजन समिति के सदस्यों से लेकर सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही का अंतिम निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगा।
हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में SIT
मुख्यमंत्री ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित करने की घोषणा की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में यह दल हादसे की जांच करेगा। एसआईटी में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), अपराध जांच विभाग (सीआईडी) और अन्य संबंधित विभागों के सदस्य शामिल होंगे। जांच दल हादसे से जुड़े तथ्यों, सुरक्षा इंतजामों, भीड़ नियंत्रण और आयोजन के दौरान अपनाई गई व्यवस्थाओं की पड़ताल करेगा। इसका उद्देश्य घटना के कारणों का पता लगाना और संभावित चूक की जिम्मेदारी तय करना है।
CCTV फुटेज से जुटाए जाएंगे अहम सबूत
कोलकाता पुलिस की एंटी-राउडी सेक्शन (एआरएस) ने घटनास्थल से संबंधित सीसीटीवी फुटेज जुटा ली है। अब इन रिकॉर्डिंग की जांच कर हादसे से पहले और उसके दौरान की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जाएगी। फुटेज से भीड़ की आवाजाही, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और आपात स्थिति में उठाए गए कदमों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।
आयोजन समिति से सुरक्षा कर्मियों तक होगी जांच
मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, यदि भीड़ को नियंत्रित करने में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। जांच के दायरे में पूजा समिति के सदस्य, होमगार्ड, अस्थायी कर्मचारी, पुलिसकर्मी और निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड भी आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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