Bastar Dussehra 2026 : छत्तीसगढ़ का विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं के कारण चर्चा में है। रविवार को महाष्टमी के अवसर पर मां दंतेश्वरी की पावन डोली और छत्र दंतेवाड़ा स्थित मंदिर से जगदलपुर के लिए रवाना किए गए। लगभग 618 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के निर्वहन के साथ ही बस्तर दशहरा उत्सव का मुख्य चरण शुरू हो गया। इस आयोजन में स्थानीय जनजातीय संस्कृति, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
डोली के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
मां दंतेश्वरी की डोली को जिया परिवार के सदस्यों और पुजारियों ने अपने कंधों पर उठाया। इस पावन अवसर पर माता के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। दंतेवाड़ा के डंकिनी पुल तक भक्तों की भीड़ दिखाई दी। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने जयकारों के साथ माता का स्वागत किया। पूजा-अर्चना और धार्मिक विधि-विधान पूरा होने के बाद डोली को विशेष वाहन से जगदलपुर के लिए रवाना किया गया।
सोमवार सुबह जगदलपुर पहुंचेगी मां दंतेश्वरी की डोली
दंतेवाड़ा से जगदलपुर तक लगभग 80 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद डोली सोमवार सुबह जिया डेरा पहुंचेगी। वहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उसका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मां दंतेश्वरी की डोली बस्तर दशहरे की विभिन्न धार्मिक रस्मों में शामिल होगी। स्थानीय लोगों के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता का प्रतीक भी है।
फूल रथ का पहिया और मुख्य लकड़ी टूटने से परिक्रमा में बाधा
बस्तर दशहरे के उत्सव के बीच रविवार को फूल रथ की परिक्रमा के दौरान अचानक व्यवधान उत्पन्न हो गया। परिक्रमा के समय रथ का एक पहिया और ढांचे की मुख्य लकड़ी टूट गई। इसके कारण रथ को आगे बढ़ाने और परिक्रमा शुरू करने में देरी हुई। काफी प्रयासों के बावजूद पहिया दोबारा नहीं जोड़ा जा सका। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से रथ को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
प्रशासनिक कदम का ग्रामीणों ने किया विरोध
रथ को मशीन की मदद से आगे बढ़ाने के प्रयास पर वहां मौजूद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। श्रद्धालु पारंपरिक तरीके से आस्था के साथ रथ खींचने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर सीरहासार चौक में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया। घटनाक्रम के दौरान भीड़ के बीच ट्रैफिक डीएसपी अचानक गिर पड़े। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इस घटना ने धार्मिक आयोजन के दौरान व्यवस्था और परंपरा के बीच समन्वय की जरूरत को सामने रखा।
विधायक किरण सिंह देव भी ऐतिहासिक रथ यात्रा में हुए शामिल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव मां दंतेश्वरी के दर्शन करने के बाद जगदलपुर पहुंचे। उन्होंने ऐतिहासिक रथ यात्रा में हिस्सा लिया और क्षेत्रवासियों को नवरात्रि तथा विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। मावली मंदिर परिसर में दशहरा समिति के सदस्यों, बस्तर धाकड़ क्षत्रिय राजपूत समाज के प्रतिनिधियों, पुजारियों और मांझी-चालकी ने उनका स्वागत किया।
स्वास्थ्य लाभ के बाद जनता के बीच लौटे किरण देव
इस दौरान किरण सिंह देव ने अपने बड़े भाई कुमार जयदेव के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। करीब तीन महीने बाद स्वास्थ्य लाभ लेकर क्षेत्र में लौटे विधायक ने कहा कि बड़ों के आशीर्वाद और लोगों की दुआओं से वे स्वस्थ होकर वापस आए हैं। उन्होंने मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से फिर जनता की सेवा करने का संकल्प जताया। धार्मिक उत्साह, रथ यात्रा और परंपराओं के बीच बस्तर दशहरे का आयोजन जारी है।
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