CG Teacher Recruitment : छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर युवाओं से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया गया था, लेकिन अब तक भर्ती की दिशा में अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। उनके मुताबिक, इससे शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
57 हजार पदों पर भर्ती के वादे को लेकर सरकार पर निशाना
दीपक बैज ने कहा कि डीएड और बीएड उत्तीर्ण होने के साथ शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी पास कर चुके कई युवा नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार भर्ती को लेकर घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन उन घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए ठोस कदम नजर नहीं आ रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार भर्ती प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट करे और योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के लिए समयबद्ध योजना सामने रखे।
यू-डायस प्लस के आंकड़ों में शिक्षकों की संख्या घटने का दावा
बैज ने अपने आरोपों के समर्थन में यू-डायस प्लस के आंकड़ों का हवाला दिया। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षकों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार कम हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 1,88,721 शिक्षक थे। वर्ष 2024-25 में यह संख्या घटकर 1,88,578 रह गई, जबकि 2025-26 में शिक्षकों की संख्या 1,86,139 दर्ज की गई। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने दो वर्षों में 2,582 शिक्षकों की कमी होने की बात कही।
बस्तर और सरगुजा में शिक्षक कमी से पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों की कमी का असर विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। उनके मुताबिक, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में एकल-शिक्षक स्कूलों और शिक्षक-विहीन विद्यालयों की समस्या गंभीर चिंता का विषय है। पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी पर भी चिंता जताई और कहा कि इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
कांग्रेस ने पूर्ववर्ती सरकार की भर्ती प्रक्रिया का किया उल्लेख
दीपक बैज ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान 27,069 नियमित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार पर नियुक्तियों की रफ्तार धीमी रखने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि सरकारी स्कूलों में खाली पदों को भरना केवल रोजगार उपलब्ध कराने का मामला नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए भी जरूरी है।
भर्ती तेज करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
बैज ने राज्य सरकार से शिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने और सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेरोजगार युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाएगी। हालांकि, भर्ती की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सरकार की ओर से आधिकारिक आंकड़ों, स्वीकृत पदों, रिक्तियों और भर्ती कार्यक्रम की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल शिक्षक भर्ती को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने प्रदेश की राजनीति में बहस तेज कर दी है।
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