Maa Mahamaya Temple : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नवरात्रि के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और राजपरिवार की परंपराओं की झलक देखने को मिली। अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर में विशेष श्रृंगार और संधि पूजा का आयोजन किया गया। इस दौरान मां महामाया के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। सरगुजा महाराजा एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और युवराज आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने कुलदेवी मां महामाया के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मां समलाया की पूजा कर निभाई पारंपरिक मान्यता
नवरात्रि के दौरान राजपरिवार ने मां समलाया मंदिर में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सरगुजा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान में मां महामाया तथा मां समलाया का विशेष स्थान माना जाता है। इन मंदिरों से जुड़ी परंपराएं लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र रही हैं। राजपरिवार द्वारा दोनों देवियों की पूजा करना इन धार्मिक मान्यताओं और पारिवारिक परंपराओं के निरंतर निर्वहन को दर्शाता है।
सरगुजा पैलेस में देहरी पूजा का आयोजन
प्राचीन सरगुजा पैलेस में भी पारंपरिक देहरी पूजा संपन्न हुई। राजपरिवार द्वारा किए जाने वाले इन अनुष्ठानों का संबंध सरगुजा के ऐतिहासिक गौरव, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं से है। नवरात्रि और दशहरा जैसे पर्वों पर होने वाले आयोजन क्षेत्र की विशिष्ट पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पुरानी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी दिखाई देता है।
टीएस सिंहदेव ने की मां समलाया मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा
पूजा-अर्चना के बाद टीएस सिंहदेव ने मां समलाया मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की घोषणा की। इस पहल से मंदिर परिसर को बेहतर स्वरूप मिलने और धार्मिक धरोहर के संरक्षण की उम्मीद है। मंदिर सरगुजा के श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण से इसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कार्य की शुरुआत, बजट और समयसीमा के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही परियोजना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
दशहरा पर आम लोगों के लिए खुलेगा श्री रघुनाथ पैलेस
दशहरा के अवसर पर 20 अक्टूबर को श्री रघुनाथ पैलेस परिसर में पारंपरिक पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 12 बजे से अश्व, गज, नवग्रह, शस्त्र और नगाड़ा सहित विभिन्न पूजन संपन्न होंगे। ये अनुष्ठान राजपरिवार की ऐतिहासिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
कचहरी में बैठकर आमजन से मिलेंगे राजपरिवार के सदस्य
कार्यक्रम के अगले चरण में शाम 3:30 बजे से सरगुजा महाराजा टीएस सिंहदेव, राजा अरुणेश्वर शरण सिंहदेव और युवराज आदित्येश्वर शरण सिंहदेव पैलेस स्थित कचहरी में बैठकर आम लोगों से मुलाकात करेंगे। इस अवसर पर श्री रघुनाथ पैलेस परिसर आमजनों के लिए खोला जाएगा। दशहरा पर आयोजित यह परंपरा राजपरिवार और जनता के ऐतिहासिक जुड़ाव को दर्शाती है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आम लोगों से संवाद का यह आयोजन सरगुजा की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर बनेगा।
Read More : UP Election 2027 : यूपी चुनाव 2027 में अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, इस तारीख को जारी होगा सपा का प्रण-पत्र