Korba News : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रजगामार चौकी क्षेत्र के ओमपुर में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद सामने आया है। एक मकान में आयोजित प्रार्थना सभा की जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। संगठन ने आरोप लगाया कि इलाके में लंबे समय से कुछ हिंदू परिवारों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर मतांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति शांत कराई।
हर रविवार सभा आयोजित करने का लगाया आरोप
बजरंग दल के प्रखंड सह संयोजक प्रवीण राठौर ने आरोप लगाया कि पास्टर पीतांबर सिंह नाम का व्यक्ति बाहर से ओमपुर आता है। उनके मुताबिक, वह प्रत्येक रविवार को गार्डिया के मकान में प्रार्थना सभा आयोजित करता है। संगठन का दावा है कि इन सभाओं के माध्यम से हिंदू परिवारों को आर्थिक सहायता का प्रलोभन देकर मतांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बीमारी ठीक होने का दावा करने का भी आरोप
प्रवीण राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के दौरान लोगों को बीमारी ठीक होने का भरोसा दिलाया जाता है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि हिंदू देवी-देवताओं को मानने वाले लोगों के प्रति नकारात्मक बातें कही जाती हैं। संगठन के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां काफी समय से चल रही हैं। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का दावा है कि घटना वाली रात आयोजित सभा में करीब 15 हिंदू परिवार शामिल थे। संगठन ने मकान में अवैध रूप से चर्च संचालित किए जाने का आरोप भी लगाया है। इन सभी दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
विवाद की सूचना मिलने के बाद रजगामार चौकी की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। चौकी प्रभारी विनोद सिंह के अनुसार, पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। उन्होंने बताया कि बजरंग दल की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही, प्रार्थना सभा से जुड़े दस्तावेजों और उसकी वैधता की भी जांच की जाएगी। फिलहाल, मामले में जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
बजरंग दल के जिला संयोजक राणा मुखर्जी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रलोभन देकर मतांतरण के लिए प्रेरित करने की गतिविधियां की जा रही हैं, तो उन पर नियमानुसार रोक लगाई जानी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह संवैधानिक तरीके से आंदोलन करेगा।
जांच के नतीजों पर टिकी सभी की नजरें
ओमपुर में प्रार्थना सभा को लेकर सामने आए इस विवाद के बाद स्थानीय क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और दावों की जांच कर रही है। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों, बयानों और दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और कानून के तहत किसी कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
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