छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Maoist Movement: छत्तीसगढ़ में माओवादी आंदोलन का बड़ा मोड़, सोनू दादा के समर्थन में माड़ डिवीजन भी आगे आया

Chhattisgarh Maoist Movement: छत्तीसगढ़ में नक्सल आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर आ गया है। माओवादी संगठन के शीर्ष नेता वेणुगोपाल उर्फ सोनू दादा द्वारा सशस्त्र संघर्ष छोड़ने के ऐलान के बाद अब माड़ डिवीजन कमेटी ने भी उनके फैसले का समर्थन करते हुए बड़ा कदम उठाया है। माड़ डिवीजन की सचिव रानीता सणीता द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संगठन अब जनमुक्ति के लिए हथियार नहीं, बल्कि जनसमर्थन के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।

सोनू दादा के ऐतिहासिक पत्र का असर

कुछ दिन पहले पोलित ब्यूरो सदस्य वेणुगोपाल ने केंद्रीय कमेटी को संबोधित एक भावनात्मक पत्र में सशस्त्र आंदोलन की विफलता स्वीकार की थी। उन्होंने लिखा था कि वर्तमान परिस्थितियों में हिंसा और हथियारबंद संघर्ष से समाज को कोई स्थायी लाभ नहीं हो रहा। साथ ही उन्होंने एक महीने के युद्धविराम की अपील भी की थी, जिससे संगठन में हड़कंप मच गया।

माड़ डिवीजन की खुली बगावत

अब माओवादियों के माड़ डिवीजन ने भी सोनू दादा के निर्णय का समर्थन करते हुए अपना पत्र सार्वजनिक कर दिया है। रानीता सणीता ने लिखा है कि “देश-दुनिया की बदलती परिस्थितियों को समझते हुए हमने महसूस किया कि क्रांतिकारी आंदोलन में बदलाव आवश्यक है। केंद्रीय कमेटी इसमें असफल रही है, इसलिए हम जनता के बीच जाकर लोकतांत्रिक तरीकों से काम करेंगे।”

सरकार से गश्त रोकने की अपील

माड़ डिवीजन ने केंद्र और राज्य सरकार से 15 अक्टूबर तक पुलिस गश्त को रोकने की अपील की है ताकि वे अपने कैडरों को इस निर्णय के बारे में समझा सकें। रानीता ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस अवधि में माड़ क्षेत्र में कोई भी गैरकानूनी गतिविधि नहीं होगी।

संगठन में फूट, दो धड़ों में बंटा आंदोलन

सोनू दादा की अपील के बाद माओवादी संगठन दो गुटों में बंट गया है। एक ओर उत्तर बस्तर, गढ़चिरौली और माड़ जैसे डिवीजन उनके साथ खड़े हैं, वहीं तेलंगाना कमेटी और केंद्रीय नेतृत्व (अभय और विकल्प) ने इसे व्यक्तिगत राय कहकर खारिज कर दिया है। केंद्रीय कमेटी ने सोनू को हथियार सौंपने की धमकी भी दी है।

सरकार का रुख: ‘रेड कार्पेट’ स्वागत को तैयार

छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र दोनों ने माओवादियों के आत्मसमर्पण के फैसले का स्वागत किया है। गृह मंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि यदि माओवादी मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, तो सरकार उनके लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाने को तैयार है।छत्तीसगढ़ में माओवादी आंदोलन अब विचारधारात्मक संकट और नेतृत्व संघर्ष की जद में है। सोनू दादा के नेतृत्व में हो रहे बदलाव यदि ज़मीनी स्तर पर लागू होते हैं, तो यह राज्य में दशकों से चल रहे नक्सलवाद के अंत की शुरुआत साबित हो सकता है।

Read more :Himachal Landslide: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में लैंडस्लाइड, बस में 8 यात्रियों की दर्दनाक मौत

Thetarget365

Recent Posts

Google Gemini : गूगल जेमिनी का नया धमाका, अब चैट से सीधे बनाएं पीडीएफ और वर्ड फाइलें

Google Gemini : तकनीकी दिग्गज गूगल ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट 'जेमिनी' को एक…

8 minutes ago

Sandeep Pathak FIR : डरने वाला नहीं हूं, ईश्वर मेरे साथ है, पंजाब एफआईआर पर बोले संदीप पाठक

Sandeep Pathak FIR : आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP)…

14 minutes ago

Sushasan Tihar 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार में किया संवाद, सिलमा शांतिपारा जन चौपाल

Sushasan Tihar 2026:  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन की अवधारणा को धरातल…

18 minutes ago

Sunil Narine 200 Wickets : सुनील नरेन ने रचा इतिहास, 200 विकेट लेने वाले बने पहले विदेशी खिलाड़ी

Sunil Narine 200 Wickets : आईपीएल 2026 के रोमांचक सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)…

24 minutes ago

Rahul Gandhi Defamation Case : सावरकर मानहानि केस में बड़ा मोड़, कोर्ट में पहली बार सच आया सामने!

Rahul Gandhi Defamation Case : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वीर सावरकर के परिवार के…

31 minutes ago

Guinness World Record : समंदर की लहरों के नीचे तिरंगे की शान, गिनीज बुक में दर्ज हुआ भारत

Guinness World Record : भारत ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपनी शक्ति और…

35 minutes ago

This website uses cookies.