Abhijeet Deepke Warning : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए बड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संकेत दिए हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन समाप्त होने के बावजूद प्रदर्शन में शामिल छात्रों को अब भी परेशान किया जा रहा है। सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए अपने संदेश में दीपके ने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई नहीं रुकी, तो संगठन जल्द ही देशव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करेगा।

‘आंदोलन खत्म हुआ, लेकिन अभियान जारी रहेगा’
दीपके ने स्पष्ट किया कि हाल ही में आंदोलन समाप्त होने का मतलब यह नहीं है कि संगठन की लड़ाई खत्म हो गई है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा संगठन की एक प्रमुख मांग स्वीकार किए जाने के बाद धरना समाप्त किया गया था, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर CJP का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन को अभी लंबा सफर तय करना है और यह केवल एक नई शुरुआत है।

आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग
अभिजीत दीपके ने परीक्षा विवाद के दौरान कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता और न्याय मिलना चाहिए। वहीं केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि प्रभावित परिवारों को नियमों के अनुरूप अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षा सुधारों को लेकर अभियान जारी रखने की तैयारी
CJP नेताओं ने संकेत दिए हैं कि संगठन भविष्य में शिक्षा सुधार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन केवल एक आंदोलन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर युवाओं के हितों के लिए लगातार काम करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सुशासन में सुधार संगठन की प्राथमिकता बना रहेगा।
आशुतोष रांका ने सरकार पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को हुई वार्ता के दौरान सरकार की ओर से दिए गए कई आश्वासनों को अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बातचीत में दर्ज प्राथमिकी वापस लेने और भविष्य में नई एफआईआर दर्ज नहीं करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अभी तक उस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। रांका ने इसे सरकार की गंभीर चूक बताया।
समझौते का सम्मान करने की मांग
रांका ने कहा कि सरकार को 25 जुलाई को हुए समझौते का सम्मान करना चाहिए और उसे लिखित रूप में सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि आंदोलन से जुड़े सभी मामलों में दर्ज प्राथमिकी वापस ली जाए और भविष्य में छात्रों के खिलाफ कोई नई कानूनी कार्रवाई न की जाए। उनका कहना है कि यदि इन मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा।
कंगना रनौत की टिप्पणी पर भी दिया जवाब
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की कथित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि उनका संगठन आलोचनाओं से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि CJP युवाओं की आवाज उठाने का काम करता रहेगा और किसी भी छात्र को परेशान नहीं होने देगा। रांका ने दोहराया कि यदि संगठन की मांगों को अनदेखा किया गया, तो पार्टी फिर से शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी आगे की रणनीति
फिलहाल CJP ने अपनी अगली रणनीति को सरकार की प्रतिक्रिया से जोड़ दिया है। संगठन का कहना है कि यदि छात्रों से जुड़े मामलों में कार्रवाई बंद होती है और पहले किए गए आश्वासनों को लागू किया जाता है, तो संवाद का रास्ता खुला रहेगा। वहीं यदि ऐसा नहीं हुआ, तो CJP देशभर में फिर से बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करने पर विचार करेगी।
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