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Abujhmad Food Poisoning: छठी समारोह के बाद फूड प्वॉइज़निंग से 5 लोगों की मौत, स्वास्थ्य विभाग सर्तक

Abujhmad Food Poisoning: नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के गोट गांव में आयोजित छठी के कार्यक्रम में परोसे गए भोजन के बाद हुई फूड प्वॉइज़निंग ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस गंभीर घटना में पांच ग्रामीणों की मौत हो गई है जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, छठी के दौरान परोसे गए भोजन को खाने के बाद कई लोग अचानक बीमार पड़ गए। स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिलते ही नारायणपुर की मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। गंभीर स्थिति को देखते हुए भैरमगढ़ से विशेष मेडिकल टीम को भी गोट गांव भेजा गया है ताकि बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।

गंभीर मरीजों का इलाज जारी

दुर्गम इलाके में होने के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच में दिक्कत आई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तत्परता से काम किया। एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को भैरमगढ़ के उप-स्वास्थ्य केंद्र में लाकर इलाज किया जा रहा है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है और सभी संभावित कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से संदिग्ध भोजन से बचने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छठी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भोजन की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है ताकि ऐसे दुखद हादसे दोबारा न हों।

गांव में फैली चिंता और प्रशासन की निगरानी

फूड प्वॉइज़निंग की इस घटना ने पूरे गोट गांव में भय का माहौल बना दिया है। लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रशासन ने गांव में स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रखी है।

फूड प्वॉइज़निंग की संभावित वजह

अधिकारियों का मानना है कि दूषित या खराब सामग्री से बना भोजन इस हादसे का मुख्य कारण हो सकता है। वहीं, जांच जारी है ताकि फूड प्वॉइज़निंग के पीछे की वास्तविक वजह का पता चल सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

अबूझमाड़ के गोट गांव की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि पर्व-त्योहारों या धार्मिक कार्यक्रमों में भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और ग्रामीणों की जागरूकता ही ऐसी त्रासदियों को रोकने में मदद कर सकती है। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि वे इन इलाकों में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करें और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित भोजन के प्रति संवेदनशील बनाएं।

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