ADM Ravindra Kumar Raid: बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार को पटना और बेगूसराय में स्थित कई परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण, महंगी घड़ियां और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर रविंद्र कुमार दिवाकर का नाम पटना के एडीएम (आपूर्ति) के रूप में दर्ज है।
करीब 70 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी
तलाशी के दौरान करीब 70 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में सामने आई है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद उसकी गिनती के लिए मौके पर मशीन मंगाई गई। निगरानी टीम ने बरामद नकदी और अन्य सामान का सत्यापन शुरू किया। हालांकि, जांच पूरी होने और आधिकारिक तौर पर अंतिम आंकड़े जारी होने के बाद ही बरामदगी की वास्तविक मात्रा और मूल्य की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
महंगी घड़ियों और आभूषणों की भी जांच
तलाशी के दौरान कई महंगी घड़ियां और आभूषण मिलने की भी जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में घड़ियों की संख्या और अनुमानित कीमत को लेकर अलग-अलग आंकड़े बताए गए हैं। एक रिपोर्ट में करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य की घड़ियों का उल्लेख है, जबकि अन्य शुरुआती जानकारी में घड़ियों की संख्या और कीमत इससे अलग बताई गई है। निगरानी विभाग द्वारा सत्यापन के बाद ही इन सामानों का वास्तविक मूल्य स्पष्ट हो सकेगा।
संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले
विजिलेंस टीम को तलाशी के दौरान विभिन्न संपत्तियों से संबंधित कागजात और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, टीम ने बरामद दस्तावेजों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। इन कागजात के आधार पर अधिकारियों की संपत्ति, निवेश और आय के स्रोतों का मिलान किया जा सकता है। जांच एजेंसी अब उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य सामग्री का परीक्षण कर रही है।
ADM की पत्नी भी प्रशासनिक पद पर तैनात
रविंद्र कुमार दिवाकर की पत्नी कुमारी स्वीटी दानापुर में जिला सब-रजिस्ट्रार के पद पर तैनात हैं। विजिलेंस की कार्रवाई दोनों से जुड़े ठिकानों पर की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पटना और बेगूसराय में उनके कुल चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई का आधार आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा मामला बताया गया है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच के तहत की गई है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर अधिकारी की घोषित आय, संपत्ति, निवेश और खर्च का मिलान करती है। इस कार्रवाई में बरामद नकदी, आभूषण, घड़ियां और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। फिलहाल बरामदगी के आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
तलाशी के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान निगरानी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। बरामद नकदी की गिनती मशीन के जरिए की गई और अन्य सामान तथा दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। निगरानी विभाग की ओर से विस्तृत अंतिम जानकारी सामने आने के बाद ही बरामद संपत्ति और नकदी की पूरी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
2025 से पटना में ADM सप्लाई की जिम्मेदारी
रिपोर्ट के मुताबिक, रविंद्र कुमार दिवाकर अक्टूबर 2025 से पटना में एडीएम (सप्लाई) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बिहार सरकार की उपलब्ध आधिकारिक संपर्क सूची में भी रविंद्र कुमार दिवाकर का नाम पटना के एडीएम (आपूर्ति) के तौर पर दर्ज है। इससे पहले उन्होंने बिहार प्रशासन में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी संभाली है।
शिक्षक के रूप में शुरू किया था करियर
रविंद्र कुमार दिवाकर के प्रशासनिक करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में हुई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2000 में उन्होंने शिक्षक के तौर पर सेवा शुरू की। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और विभिन्न जिलों में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। लंबे सरकारी करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
अलग-अलग जिलों में संभाली प्रशासनिक जिम्मेदारियां
रिपोर्टों में उनके करियर का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि वर्ष 2009 में उन्होंने सारण में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद कटिहार और दरभंगा में एडीसी पद पर काम किया। वर्ष 2018 में वह सहरसा में पीजीआरओ रहे, जबकि 2020 में समस्तीपुर में एसडीएम की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2023 में गया और 2024 में पटना में एडीसी के पद पर भी कार्य किया।
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद अब बरामद नकदी, आभूषण, घड़ियों और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी इन संपत्तियों और सामानों के स्रोत तथा अधिकारी दंपती की घोषित आय के बीच संबंधों की पड़ताल करेगी। फिलहाल सामने आई बरामदगी जांच का हिस्सा है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने तथा आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हलचल
पटना और बेगूसराय में एक साथ हुई इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। मामला आय से अधिक संपत्ति की जांच से जुड़ा होने के कारण बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की आगे की जांच में यह स्पष्ट होगा कि बरामद संपत्तियों और नकदी को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आते हैं।