Thetarget365

सत्तीपारा तालाब की जमीन से अवैध कब्जा हटाने पहुंचा प्रशासन, विरोध के बीच 30 मई तक मिली राहत

अंबिकापुर @thetarget365 शहर में आज सत्तीपारा तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नेहरू वार्ड में सत्ती मंदिर के पास बने अवैध मकान को हटाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, स्थानीय नेताओं और आम लोगों के भारी विरोध के चलते टीम को वापस लौटना पड़ा। जिला प्रशासन ने कब्जाधारी को घर खाली करने का अल्टीमेटम दिया, लेकिन कांग्रेस नेता आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव और शैलेन्द्र प्रताप सिंह के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने 30 मई तक का समय दे दिया। बहरहाल इस घटना ने अंबिकापुर शहर सहित आसपास क्षेत्रों में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे को फिर से गरमा दिया है।

हाईकोर्ट का सख्त आदेश, प्रशासन की कार्रवाई

शहर के नेहरू वार्ड में सत्ती मंदिर के पास तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाए जाने का मामला लंबे समय से चर्चा में था। आज सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम में शामिल राजस्व अधिकारियों और नगर निगम के कर्मचारियों ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही बुलडोजर और अन्य उपकरणों के साथ कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय लोगों और नेताओं ने इसका तीखा विरोध किया।

स्थानीय लोगों का विरोध, आदित्यायेश्वर सिंह का हस्तक्षेप

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध जताया। उनका कहना था कि मकान में कई सालों से परिवार रह रहा है और अचानक कार्रवाई से उन्हें बेघर होने का डर सता रहा है। विरोध बढ़ता देख वरिष्ठ कांग्रेस नेता शैलेन्द्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उपस्थित अधिकारियों से चर्चा की। इसी बीच पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव ने भी जानकारी मिलते ही कार्रवाई करने पहुंचे अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से मकान मालिक को कुछ समय देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मानवीय आधार पर कुछ समय देना चाहिए ताकि लोग वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। वार्डवासी व कांग्रेस नेताओं के हस्तक्षेप व विरोध के बाद बैरंग लौटी जिला प्रशासन टीम ने मकान खाली करने के लिए 30 मई तक का समय दिया है।

तालाब की जमीन पर कब्जे का पुराना विवाद

सत्ती मंदिर के पास तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला कई साल पुराना है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह मकान लंबे अरसे से बना हुआ है और इसमें रहने वाले परिवारों के पास कोई अन्य आवासीय व्यवस्था नहीं है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि तालाब की जमीन सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी तरह का निर्माण अवैध है।

thetarget365

Recent Posts

North Korea Election 2026 : किम जोंग उन का फिर चला जादू, 100% वोटिंग के साथ संसद पर पूर्ण कब्जा

North Korea Election 2026 : उत्तर कोरिया से आई ताजा खबरों के अनुसार, वर्ष 2026…

37 minutes ago

Global Hunger: मिडिल ईस्ट की जंग से दुनिया में हाहाकार, 4.5 करोड़ लोगों पर अकाल का खतरा, WFP की डरावनी चेतावनी

Global Hunger: संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने एक भयावह रिपोर्ट जारी करते…

2 hours ago

Share Market News: शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी, निफ्टी 23,700 के पार और सेंसेक्स में भारी उछाल

Share Market News: भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए बुधवार की सुबह नई उम्मीदें…

2 hours ago

This website uses cookies.