Political Controversy UP: बांसडीह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक केतकी सिंह द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी का विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। समाजवादी पार्टी (SP) की महिला कार्यकर्ताओं ने विधायक की गैरमौजूदगी में उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद केतकी सिंह की बेटी ने एक वीडियो जारी कर तीखा पलटवार किया है।
विधायक केतकी सिंह ने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा था,”इन समाजवादियों में शर्म नहीं है। इतना बेइज्जत होने के बाद कम-से-कम टोटी लौटाने की बात तो अपने मुंह से कह सकें। अखिलेश यादव हर किसी से हिसाब मांगते हैं, लेकिन अपनी टोटियों का हिसाब कभी नहीं दिया। टोटियां उठाकर जो ले गए हो साहब, वो यूपी की जनता को वापस करो।”
उनकी इस टिप्पणी पर समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने केतकी सिंह के घर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान विधायक घर पर मौजूद नहीं थीं, लेकिन प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गईं।
इस प्रदर्शन पर केतकी सिंह की बेटी ने एक वीडियो जारी कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:”आज मेरे घर के सामने बहुत भीड़ आई थी और नारेबाजी कर रही थी क्योंकि मेरी मां ने कल एक बयान अखिलेश यादव को लेकर दिया था। इन लोगों को लगता है कि वे एक 16 साल की लड़की को डराकर राजनीति कर लेंगे। अगर यही इन लोगों को सरकार में सिखाया गया है तो यह गलत है।” उन्होंने आगे कहा:”अगर आप लोग मेरे ऊपर उंगली भी उठाएंगे तो मां उन लोगों को बीच से फाड़ देंगी। अकेली बच्ची को डराना कहीं की राजनीति नहीं है। अगर कुछ कहना है तो बलिया जाकर मेरी मां से कहो। मैं नहीं डरूंगी।”
केतकी सिंह की टिप्पणी और फिर उनकी बेटी की प्रतिक्रिया से यह मामला अब केवल राजनीतिक नहीं रहा, बल्कि भावनात्मक और व्यक्तिगत मोड़ ले चुका है। बीजेपी समर्थक इसे महिला और युवा के आत्मसम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता इसे अपमानजनक टिप्पणी बता रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर जब उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियां तेज होती जा रही हैं।
बीजेपी समर्थक जहां केतकी सिंह की बेटी के साहस की सराहना कर रहे हैं,वहीं समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांसद और विधायकों को बयान देते समय भाषा की मर्यादा रखनी चाहिए। राजनीति में वाद-विवाद और कटाक्ष आम बात है, लेकिन जब यह व्यक्तिगत और पारिवारिक दायरे तक पहुंचता है, तब सामाजिक शालीनता और राजनीतिक परिपक्वता की असली परीक्षा होती है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में पार्टी नेतृत्व क्या रुख अपनाता है और क्या इस बयानबाजी का कोई कानूनी या संगठनात्मक असर भी देखने को मिलेगा।
Read More : Football tournament : संभागीय फुटबॉल टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले, कंचनपुर और परसोढ़ी की जीत
RCB vs GT : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के रोमांचक मुकाबले में गुरुवार को…
West Bengal Election : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मतदान संपन्न होने के बाद अब…
Kailash Kher Kedarnath : पवित्र चारधाम यात्रा के आगाज के साथ ही उत्तराखंड के हिमालयी…
Ambikapur News : शादी की खुशियां दरवाजे तक पहुंचीं ही थीं कि पुलिस की दस्तक…
Tomato Farming Profit : आज के दौर में खेती केवल पसीने बहाने का काम नहीं…
Ontario Owl Rescue : कनाडा के ओंटारियो प्रांत स्थित इनिसफिल शहर में उस वक्त हड़कंप…
This website uses cookies.