Ambikapur News : कहते हैं संवाद और समझदारी से कोई भी रिश्ता दोबारा संवर सकता है—इस कथन को महिला थाना अंबिकापुर के परिवार परामर्श केंद्र ने एक बार फिर सच कर दिखाया है। बीते तीन वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के टूटते दांपत्य रिश्ते को महिला थाना प्रभारी व काउंसलिंग टीम की सतत मेहनत ने नया जीवन दिया। लगातार प्रयासों और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी और तहसीलदार पति ने अपनी पत्नी के साथ पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।
जानकारी अनुसार, आवेदिका रेनु गुप्ता, निवासी सीतापुर जिला सरगुजा का विवाह दिनांक 25 नवंबर 2022 को राहुल गुप्ता निवासी ग्राम झलमला, जिला बालोद के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। राहुल गुप्ता वर्तमान में तहसीलदार के पद पर जगदलपुर में पदस्थ हैं। विवाह के पश्चात रेनु गुप्ता मात्र लगभग 50 दिनों तक ही ससुराल में रह सकीं, इसके बाद पति-पत्नी के बीच आपसी पारिवारिक विवाद उत्पन्न हो गए।
14 जनवरी 2023 से रेनु गुप्ता अपने मायके सीतापुर में रहने लगीं। आपसी संबंध बिगड़ने के चलते पति राहुल गुप्ता ने पत्नी को साथ रखने से इंकार कर दिया, जबकि रेनु गुप्ता अपने पति के साथ रहना चाहती थीं। इस संबंध में उन्होंने कुटुंब न्यायालय अंबिकापुर में दांपत्य पुनर्स्थापन हेतु प्रकरण दर्ज कराया, जो न्यायालय से खारिज हो गया। इसके बाद 01 अक्टूबर 2025 को रेनु गुप्ता ने महिला थाना अंबिकापुर में पति एवं अन्य परिजनों के विरुद्ध शिकायत प्रस्तुत की।
शिकायत मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में महिला थाना अंतर्गत पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग प्रारंभ की गई। प्रारंभिक काउंसलिंग में राहुल गुप्ता द्वारा पत्नी को साथ रखने से स्पष्ट इंकार किया गया, जिससे मामला लगभग टूटने की कगार पर पहुंच गया था।
किन्तु महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुनीता भारद्वाज एवं काउंसलिंग टीम द्वारा हार न मानते हुए लगातार प्रयास किए गए। 31 जनवरी 2026 को पुनः दोनों पक्षों एवं परिजनों की उपस्थिति में गहन काउंसलिंग की गई, जिसमें संवाद और समझाइश के माध्यम से विवादों का समाधान निकाला गया। अंततः राहुल गुप्ता पत्नी को साथ रखने हेतु सहमत हुए और दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता संपन्न कराया गया। काउंसलिंग के सफल परिणामस्वरूप उसी दिन रेनु गुप्ता अपने पति राहुल गुप्ता के साथ परिवारजनों की मौजूदगी में जगदलपुर के लिए रवाना हुईं।
इस सराहनीय कार्यवाही में महिला थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज, काउंसलर मीरा शुक्ला एवं प्रधान आरक्षक संतोष गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिला थाना की यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और संवेदनशील प्रयासों से टूटते परिवारों को बचाया जा सकता है।
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