समाजवादी पार्टी के मुखिया Akhilesh Yadav ने प्रयागराज में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार के 10 साल के कार्यकाल को ‘विफलता’ करार देते हुए भर्ती घोटालों और पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार केवल बड़े-बड़े दावे करना जानती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि युवाओं का भविष्य अंधकार में है। उन्होंने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) आरक्षण घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने एक सोची-समझी साजिश के तहत 22 भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण के नियमों के साथ खिलवाड़ किया है।

शिक्षा और रोजगार: सरकारी दावों की खुली पोल
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां प्राइमरी स्कूल बंद हो रहे हैं। उन्होंने ‘समाजवादी ऑडिट’ का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा और भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर ‘गोरख धंधा’ चल रहा है। उन्होंने नीट, आरओ-एआरओ, सिपाही भर्ती और दरोगा भर्ती सहित कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने की लंबी सूची गिनाई और कहा कि भर्ती प्रक्रिया अब केवल ‘विज्ञापन-परीक्षा-पेपर लीक-लाठीचार्ज और भर्ती रद्द’ के चक्र में फंसकर रह गई है। उन्होंने सरकार पर ‘नेशन फर्स्ट’ के बजाय ‘डोनेशन फर्स्ट’ की नीति अपनाने का गंभीर आरोप लगाया।

युवाओं के लिए भविष्य की रूपरेखा और सपा का वादा
छात्रों को देश की नींव बताते हुए अखिलेश ने समाजवादी पार्टी की ओर से परीक्षा सुधारों का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर सपा एक वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करेगी और परीक्षार्थियों को उनके गृह जिले के पास ही परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा, महिलाओं और दिव्यांग परीक्षार्थियों को विशेष प्राथमिकता देने का वादा किया। अखिलेश ने कहा कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया—प्रिंटिंग से लेकर स्ट्रांग रूम और केंद्र तक—सीसीटीवी और डिजिटल ट्रैकिंग से निगरानी में होगी। साथ ही, उन्होंने वादा किया कि पेपर लीक के दोषी पाए जाने वालों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यदि पुनः परीक्षा की नौबत आई, तो अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
आस्था और बुनियादी सुविधाओं पर सरकार को घेरा
राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और आस्था के साथ खिलवाड़ के मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि समाजवादी लोग सनातन धर्म की रक्षा के पक्षधर हैं, लेकिन इसके नाम पर ‘गोरख धंधा’ कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रयागराज के छात्रों और कोचिंग संचालकों पर की गई कार्रवाई की निंदा की। इसके साथ ही, उन्होंने लखनऊ अग्निकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की संख्या लगातार कम हो रही है। उन्होंने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका अपना विभाग ही बीमार है और सरकार को युवाओं के रोजगार के साथ-साथ बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी जवाब देना चाहिए।










