Alaska earthquake : अमेरिका के अलास्का राज्य में बुधवार को ज़ोरदार भूकंप ने जनजीवन को हिला कर रख दिया। रिक्टर स्केल पर 7.3 तीव्रता वाले इस शक्तिशाली भूकंप के झटकों के बाद लोग दहशत में आ गए और अपने घरों से बाहर निकल कर सड़कों पर भागते नज़र आए। यह भूकंप एक गंभीर खतरे की चेतावनी के रूप में सामने आया है, क्योंकि इसके बाद सुनामी की आशंका जताई गई है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, यह भूकंप बुधवार को दोपहर 12:37 बजे (स्थानीय समय) पर आया। इसका केंद्र सैंड पॉइंट शहर से 87 किलोमीटर दक्षिण में था और यह 20.1 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। इस क्षेत्र में करीब 7.5 लाख लोग निवास करते हैं, जो अब इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ सकते हैं।
भूकंप के तुरंत बाद राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने दक्षिणी अलास्का और अलास्का प्रायद्वीप के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। चेतावनी में कहा गया है कि समुद्र में असामान्य हलचल देखी जा रही है, जो किसी भी वक्त तेज़ और ऊंची लहरों का कारण बन सकती है। चेतावनी क्षेत्र में होमर और यूनिमक पास जैसे इलाके शामिल हैं, जहां समुद्र किनारे रहने वाले लोगों से उच्च भूमि की ओर जाने की अपील की गई है।
यह पहली बार नहीं है जब अलास्का भूकंप और सुनामी के खतरे से जूझ रहा है। मार्च 1964 में आए 9.2 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने एंकोरेज शहर को तबाह कर दिया था और उसके बाद आई सुनामी ने हवाई और अमेरिकी पश्चिमी तटों को अपनी चपेट में ले लिया था। हालांकि इस बार के भूकंप की तीव्रता 7.3 रही, लेकिन भयावहता और दहशत कम नहीं है।
हालांकि अभी तक इस भूकंप में मृत्यु या बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन कई इमारतों में दरारें देखी गई हैं और विद्युत आपूर्ति व संचार नेटवर्क में बाधाएं आई हैं। राहत एवं बचाव टीमें तैनात की जा रही हैं और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अलास्का भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है, जहां टेक्टॉनिक प्लेटों की सक्रियता लगातार देखी जाती है। ऐसे में इस तरह के भूकंप और सुनामी की घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन हर बार खतरा और दहशत नई होती है।
सरकारी एजेंसियों और बचाव टीमों ने आपातकालीन योजना को सक्रिय कर दिया है। लोगों को सुनामी आश्रय स्थलों की ओर भेजा जा रहा है। प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इस भयावह भूकंप और संभावित सुनामी के बीच अलास्का एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। भले ही यह हादसा अब तक 1964 जैसी तबाही नहीं लाया है, लेकिन इसका खौफ लोगों के मन में गहराता जा रहा है। ऐसे में केवल सतर्कता, त्वरित राहत प्रयास और जनजागरूकता ही इस संकट से निपटने में सहायक साबित हो सकते हैं। आने वाले कुछ घंटों में समुद्री गतिविधियों और आफ्टरशॉक्स पर नज़र रखते हुए तत्काल निर्णय लिए जाएंगे। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें।
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